गाजियाबाद की 100 से अधिक सोसायटियों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में, ये है बड़ी वजह

 

गाजियाबाद की 100 से अधिक सोसायटियों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में!

Ghaziabad News गाजियाबाद की सौ से अधिक सोसायटियों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में है। इसके बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इन सोसायटियों में सुरक्षा के मद्देनजर जरूरी इंतजाम नहीं किए गए हैं।

गाजियाबाद। गाजियाबाद जिले की सोसायटियों में रहने वाले लोगों की जान खतरे में है। सौ से अधिक सोसायटियों के पास फायर विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। इन सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरण खराब पड़े हैं। ऐसे में आग लगी तो जनहानि हो सकती है।

कई बार नोटिस देने के बाद भी अग्निशमन उपकरण नहीं ठीक कराने पर 16 के खिलाफ अग्निशमन विभाग ने सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। कौशांबी की पांच सोसायटियों के खिलाफ कोर्ट से समन भी जारी किया गया है।

हर पांच साल में लेनी होती है एनओसी

अग्निशमन विभाग के मुताबिक हर पांच साल में सोसायटी में रखरखाव का काम देने वाली संस्था (बिल्डर, आरडब्ल्यूए या एओए) को अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी होती है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जिले में करीब पांच सौ आवासीय परिसर हैं।

इनमें से सौ से अधिक ऐसी सोसायटियां हैं, जिन्होंने पांच साल से अधिक का समय हो जाने के बाद भी फायर की एनओसी नहीं ली है। सोसायटियों में लगे अग्निशमन उपकरण खराब पड़े हैं। ऐसे में आग लगने पर बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

निकलने का रास्ता खुला रखें

अग्निशमन विभाग की ओर से लगातार लोगों से इमारत में छत पर जाने और नीचे आने का रास्ता खुला रखने की अपील की जा रही है। दरअसल आग लगने पर लिफ्ट बंद हो जाती है।

दर्जनों अपार्टमेंट में आग बुझाने के उपकरण नहीं

जिले में दर्जनों सोसायटियां व अपार्टमेंट ऐसे हैं, जिनमें आग बुझाने के उपकरण ही नहीं हैं। तुलसी निकेतन कालोनी, न्याय खंड, ज्ञान खंड, वैशाली सेक्टर- चार अलकनंदा व मंदाकिनी टावर समेत जिले की अन्य दर्जनों सोसायटियों व अपार्टमेंट में आग बुझाने के उपकरण ही नहीं हैं।

पांच सोसायटियों को कोर्ट से समन

सीजेएम कोर्ट से कौशांबी की अरावली, कामदगिरी, कैलाश एवं त्रिशूल, मलयगिरी और पंचमढ़ी टावर सोसायटी की आरडब्ल्यूए के खिलाफ समन जारी हुआ है। आरोप है कि सोसायटियों में अग्निशमन उपकरण खराब हैं। अग्निशमन विभाग के कई बार नोटिस देने के बाद भी ठीक नहीं कराया। आगामी 26 मई को कोर्ट में पेशी है।

295 सोसायटियों का हुआ निरीक्षण

मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बीते कुछ महीनों में जिले की 295 सोसायटियों का निरीक्षण किया गया। 113 सोसायटियों में खामियां मिलीं। उन्हें ठीक कराने को कहा गया। 182 ने खामियां दूर कर ली। 113 सोसायटियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया तो 54 सोसायटियों में आग बुझाने के उपकरणों की खामियां दूर की। 59 सोसायटियों को दोबारा से नोटिस भेजा गया है। नोटिस देने के बावजूद भी समस्याएं नहीं दूर करने पर 16 के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।

इन सोसायटियों के खिलाफ वाद दायर

क्रासिंग रिपब्लिक डूंडाहेड़ा स्थित सुपरटेक लिविंगस्टन, पंचशील वेलिंग्टन, एसोटेक द नेस्ट, अजनारा जैन एक्स, स्काईटेक द्वारा मैरियम रेजीडेंसी-1, मैरियम रेजीडेंसी - 2, नूरनगर की नवरतन इलेक्ट्रानिक्स प्रा. लि. (बाल मुकुंद रेजीडेंसी), अजनारा इंडिया लि अजनारा ग्रेस, अजनारा इंटीग्रीटी फेज- दो, इंदिरापुरम अहिंसा खंड दो की एंजल मर्करी, अ¨हसा खंड एक की कृष्णा विस्टा, कौशांबी स्थित अरावली, कामदगिरी, कैलाश एवं त्रिशूल, मलयगिरी और पंचमढ़ी टावर के खिलाफ अग्निशमन विभाग की ओर से सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।