हिमाचल: यहां प्यार की छत के नीचे रह रहा 24 सदस्यों का संयुक्‍त परिवार, एक चूल्‍हे पर बनता है खाना

 

धर्मशाला तंगरोटी खास पंचायत के चार पीढ़ियों के परिवार ने आज भी एक जुटता की सीख दी है।

Joint Family Day 2022 प्यार की छत के नीचे 24 लोगों का परिवार सभी एक साथ एक ही चूल्हे पर पका खाना खा रहे हैं। परिवार के मुखिया सारे फैसले लेते हैं। धर्मशाला तंगरोटी खास पंचायत के चार पीढ़ियों के परिवार ने आज भी एक जुटता की सीख दी है।

योल, प्यार की छत के  नीचे 24 लोगों का परिवार सभी एक साथ एक ही चूल्हे पर पका खाना खा रहे हैं। परिवार के मुखिया सारे फैसले लेते हैं। यह कहानी नहीं हकीकत है। धर्मशाला उपमंडल के तंगरोटी खास पंचायत के चार पीढ़ियों के परिवार ने आज भी एक जुटता की सीख दी है। इतने बड़े कुनबे में न कोई खटपट न कोई झंझट न कोई तकरार, यही है इस परिवार की दास्तान। रिश्तों का यह परिवार आज भी मजबूत बंधन की गवाही दे रहा है। आज के दौर में सिमट रहे संयुक्त परिवार की प्रथा पर कहते हैं कि आज की युवा पीढ़ी को दिग्भ्रमित कर दिया गया है।

एकल परिवार को तरक्की का राज बताया जाता है। परिवार की परिभाषा पति-पत्नी तथा बच्चों तक ही रह गई है। तभी तो जहां एक तरफ पति-पत्नी के बीच तलाक के मामले बढ़ रहे हैं। वहीं वृद्धाश्रम की संख्या भी बढ़ रही है। यह हमारी सनातन संस्कृति के विपरीत है। हमारी संस्कृति में वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को समाहित किया गया है। जिसका मूल संयुक्त परिवार ही है।

तंगरोटी खास में पुन्नू राम का यह परिवार समाज को संयुक्त परिवार की परिभाषा का संदेश दे रहा है। हालांकि पुन्नू राम निधन करीब 16 साल पहले हो चुका है, लेकिन उनका परिवार एक साथ रह कर खुशी तथा गम बांट रहा है। स्वर्गीय पुन्नू राम के परिवार में आठ  बेटे और आठ ही लड़कियां हैं। सभी बेटियों की शादियां हो चुकी हैं। आठ भाइयों में से परस राम तथा प्रभात का निधन हो चुका है। दो भाई अलग हो चुके हैं, लेकिन अभी छह भाइयों का 24 सदस्यों का परिवार एक साथ गुज़र बसर कर रहा है।

पुन्नू राम गरीबी की हालत में परिवार का पालन पोषण किया और परिवार को बिखरने नहीं दिया। दूसरी पीढ़ी के सभी भाइयों ने कड़ी मेहनत कर परिवार को जोड़े रखा और वर्तमान में एक बडी ट्रांसपोर्ट को खड़ा कर दिया। पूरा परिवार एक छत के नीचे इक्कठे भोजन करते हैं। तीसरी पीढ़ी में सभी भाइयों के बच्चे हैं इनमें से चौथी पीढ़ी में पोते पोतियां भी हैं। परिवार एक साथ खेती भी करता है।

बहरहाल आज यह संयुक्त परिवार क्षेत्र में एक मिसाल बना हुआ है। परिवार मे इस समय सेठा राम मुखिया हैं ‌‌‌‌‌उनका कहना है कि हमने एकजुटता की सीख अपने पूर्वजों से ली है। शायद यही सीख आज हमारे परिवार को बिखरने से बचा सकी है।