मिलिए उस भारतीय टीम से जिसने थामस कप जीतकर पूरे देश को 7 दशक बाद दिया झूमने का मौका

 

थामस कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम (फोटो क्रेडिट ट्विटर)

भारतीय टीम ने 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को हराकर थामस कप पर कब्जा कर लिया है। भारत ने इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर ये एतिहासिक उपलब्धि हासिल की। भारत की इस उपलब्धि पर चारों तरफ से शुभकामनाएं मिलनी शुरू हो गई है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में 15 मई का दिन हमेशा के लिए स्वर्णिम पलों के रूप में याद किया जाएगा। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 दशकों में पहली बार थामस कप पर कब्जा कर लिया है। भारतीय स्टार खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत ने जोनाथन क्रिस्टी को हराकर टाई को 3-0 से जीतकर पहली बार थामस कप पर कब्जा कर लिया। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से रविवार का दिन पूरे देश को झूमने का मौका दिया। आज जब मुकाबला शुरु हुआ तो पहले ही मैच में लक्ष्य सेन ने इंडोनेशिया के एंथनी गिनटिंग को हराकर भारत को 1-0 से बढ़त दिला दी। दूसरे मैच में चिराग और सात्विकसाईराज की जोड़ी ने इंडोनेशिया के मोहम्मद एहसान और केविन संजय की जोड़ी को हराकर 2-0 से बढ़त दिला दी जिसे बाद में श्रीकांत ने ऐतिहासिक जीत में बदल दिया। इस जीत के बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 1 करोड़ रुपये इनाम देने की घोषणा की है। आइए नजर डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जिन्होंने 73 साल बाद पूरे भारत को झूमने का मौका दिया है।

लक्ष्य सेन- लक्ष्य सेन ने हाल ही में आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपने खेल से देश को गौरवारन्वित किया था। हालांकि उन्होंने 2018 में अपने करियर के शुरुआत में ही एशियन जुनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतकर दिखा दिया था कि वे भारत के चमकते हुए सितारे हैं। थामस कप में जब भारत को एक अच्छे शुरुआत की जरूरत थी तो उन्होंने इंडोनेशिया के एंथनी गिनटिंग को हराकर भारत को 1-0 से बढ़त दिला दी।

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किदांबी श्रीकांत- भारतीय बैडमिंटन की दुनिया में श्रीकांत एक स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी की तरह हैं। 2018 में वे पहली बार वर्ल्ड नंबर वन बने थे। उन्होंने 2015 में पहली बार स्विस ओपन और इंडियन ओपन जीतकर सनसनी मचा दी थी। थामस कप में उन्होंने जोनाथन क्रिस्टी जैसे खिलाड़ी को हराकर भारत को पहली बार थामस कप में गोल्ड दिलवा दिया।

एचएस प्रणय- एचएस प्रणय ने भारत को क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल के डिसाइडर मैच में जीत दिलाकर पहली बार थामस कप जीतने की उम्मीदों को पंख दिया। 2010 में समर यूथ ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने वाले प्रणय ने 2014 में इंडिया ओपन में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।

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उन्होंने जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी की बधाईयों का जवाब देते हुए लिखा कि मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। प्रधानमंत्री का धन्यवाद जिन्होंने फोन पर हमसे और पूरी टीम से बात की। उन्होंने बैडमिंटन के वर्ल्ड कप जीतने पर बधाई दी।

प्रियांशू रजावत- ये नाम भारतीय बैडमिंटन फैंस के लिए भले ही नया हो लेकिन 15 मई के बाद ये नाम भारतीय बैडमिंटन में ऐतिहासिक बन गया। उन्होंने साबित कर दिया कि रैंकिंग मायने नहीं रखती। वे पहली बार सुर्खियों में युक्रेन में सिंगल्स खिताब जीतने के बाद आए थे।

सात्विकसाईंराज रैंकीरेड्डी- डबल्स खेलने वाले सात्विकसाईं राज के लिए थामस कप की जीत न केवल उन्हें बैडमिंटन करियर में आगे बढ़ाएगी बल्कि उनके अंदर भरोसा जगाएगी कि वो किसी भी बड़े मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। चिराग के साथ उनकी जोड़ी भारत की पहली डबल्स जोड़ी है जिन्हें BWF विश्व रैंकिंग के शीर्ष 10 में स्थान दिया गया है।

चिराग शेट्टी- सात्विकसाईंराज के साथ डबल्स खेलने वाले चिराग ने 2018 कामनवेल्थ गेम्स के मिक्स्ड इवेंट में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। वहां उन्होंने मेंस डबल्स में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

ध्रुव कपिला-

ध्रुव कपिला ने एशिया टीम चैंपियनशिप 2020 में कांस्य पदक जीता था। वह 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में पुरुष युगल, मिश्रित युगल और टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेता भी रहे थे।

कृष्ण प्रसाद गर्ग-

वर्तमान में वो रैंकिंग में 117 वें स्थान पर है। कृष्णा बैडमिंटन में डबल्स के खिलाड़ी हैं, उनके साथ विष्णुवर्धन गौड़ हैं। आरलेन्स मास्टरमेन डबल्स में उन्होंने अपने खेल से प्रभावित किया था हालांकि वो मेडल से चूक गए थे।

विष्णुवर्धन गौड़ पंजाला

विष्णुवर्धन ने इंडिया ओपन मेंस डबल्स 2022 के राउंड आफ 32 के दौरान अपना आखिरी मैच खेला था। विष्णुवर्धन वर्तमान में थॉमस कप में अपने डबल्स पार्टनर कृष्ण प्रसाद गर्ग के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया थ

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