केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्यों को लिखे पत्र में कोयला आयात को लेकर जताई चिंता

 

ऊर्जा मंत्री ने कोयला आयात को लेकर जताई चिंता (फोटो- एएनआई)

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें अपनी कोयला जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। उन्होंने कहा है कि मानसून मौसम के दौरान कोयला आयात को लेकर तत्काल कदम उठाने के लिए कहा जा सकता है।

नई दिल्ली, एएनआई: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के सिंह ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि उन्हें अपनी कोयला जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं। पत्र में उन्होंने कहा है कि मानसून मौसम के दौरान राज्य में बिजली पैदा करने वाली कंपनियों को कोयला आयात को लेकर तत्काल कदम उठाने के लिए कहा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल को लिखे पत्रों में कोयला आयात की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर चिंता व्यक्त की है।

ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि पहले राज्‍यों को सम्मिश्रण उद्देश्यों के लिए कोयले की आवश्यकता का 10% आयात करने की सलाह दी थी। राज्यों को 31.05.2022 तक ऑर्डर देने की सलाह दी गई थी ताकि 30.6.2022 तक 50% मात्रा, 31.8.2022 तक 40% और 31.10.2022 तक शेष 10% की डिलीवरी सुनिश्चित हो।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि 31 मई तक बिजली उत्‍पादन कंपनियों द्वारा सम्मिश्रण के लिए कोयले के आयात के ऑर्डर नहीं दिए जाते हैं, और यदि सम्मिश्रण उद्देश्य के लिए आयातित कोयला 15 जून तक बिजली संयंत्रों में पहुंचना शुरू नहीं होता है, तो सभी डिफॉल्टर कंपनियों को 31 अक्टूबर तक की शेष अवधि में सम्मिश्रण के लिए 15 प्रतिशत (तिमाही 1 यानी अप्रैल-जून 2022 में सम्मिश्रण उद्देश्य के लिए आयातित कोयले की कमी को पूरा करने के लिए) की सीमा तक कोयले का आयात करना होगा।

यह भी देखा गया है कि अप्रैल और मई 2022 में बहुत अधिक सम्मिश्रण नहीं हुआ है, और बिजली संयंत्र (जिन्होंने अभी तक आयातित कोयले का सम्मिश्रण शुरू नहीं किया है) यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अक्टूबर 2022 तक 15 प्रतिशत की दर से कोयले का मिश्रण करें और उसके बाद नवंबर 2022 से मार्च 2023 तक 10 प्रतिशत की दर से। यदि 15 जून तक घरेलू कोयले के साथ सम्मिश्रण शुरू नहीं किया जाता है, तो संबंधित चूककर्ता ताप विद्युत संयंत्रों के घरेलू आवंटन में और 5 प्रतिशत की कमी की जाएगी।

सभी बिजली उत्‍पादन कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अक्टूबर 2022 तक सुचारू संचालन के लिए अपने बिजली संयंत्रों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि आयातित कोयला आधारित संयंत्र चलने चाहिए और राज्य को पिछले वर्षों की तरह सम्मिश्रण के लिए कोयले का आयात करना चाहिए।

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ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि पहले राज्‍यों को सम्मिश्रण उद्देश्यों के लिए कोयले की आवश्यकता का 10% आयात करने की सलाह दी थी। राज्यों को 31.05.2022 तक ऑर्डर देने की सलाह दी गई थी ताकि 30.6.2022 तक 50% मात्रा, 31.8.2022 तक 40% और 31.10.2022 तक शेष 10% की डिलीवरी सुनिश्चित हो।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि यदि 31 मई तक बिजली उत्‍पादन कंपनियों द्वारा सम्मिश्रण के लिए कोयले के आयात के ऑर्डर नहीं दिए जाते हैं, और यदि सम्मिश्रण उद्देश्य के लिए आयातित कोयला 15 जून तक बिजली संयंत्रों में पहुंचना शुरू नहीं होता है, तो सभी डिफॉल्टर कंपनियों को 31 अक्टूबर तक की शेष अवधि में सम्मिश्रण के लिए 15 प्रतिशत (तिमाही 1 यानी अप्रैल-जून 2022 में सम्मिश्रण उद्देश्य के लिए आयातित कोयले की कमी को पूरा करने के लिए) की सीमा तक कोयले का आयात करना होगा।

यह भी देखा गया है कि अप्रैल और मई 2022 में बहुत अधिक सम्मिश्रण नहीं हुआ है, और बिजली संयंत्र (जिन्होंने अभी तक आयातित कोयले का सम्मिश्रण शुरू नहीं किया है) यह सुनिश्चित करेंगे कि वे अक्टूबर 2022 तक 15 प्रतिशत की दर से कोयले का मिश्रण करें और उसके बाद नवंबर 2022 से मार्च 2023 तक 10 प्रतिशत की दर से। यदि 15 जून तक घरेलू कोयले के साथ सम्मिश्रण शुरू नहीं किया जाता है, तो संबंधित चूककर्ता ताप विद्युत संयंत्रों के घरेलू आवंटन में और 5 प्रतिशत की कमी की जाएगी।

सभी बिजली उत्‍पादन कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अक्टूबर 2022 तक सुचारू संचालन के लिए अपने बिजली संयंत्रों में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि आयातित कोयला आधारित संयंत्र चलने चाहिए और राज्य को पिछले वर्षों की तरह सम्मिश्रण के लिए कोयले का आयात करना चाहिए।