आग के मुहाने पर आधी राजधानी, दिखाने के लिए होती है सीलिंग की कार्रवाई

 

Delhi News: आग के मुहाने पर आधी राजधानी, दिखाने के लिए होती है सीलिंग की कार्रवाई

Delhi Mundka Fire नगर निगम से लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों में इसे रोकने के लिए पर्याप्त नियम हैं। बर्शर्ते इन नियमों का पालन नहीं हो पाता है। दिल्ली फायर सर्विस एक्ट 2010 में भवनों में आग से बचाव के लिए कई तरह के प्रविधान है।

नई दिल्ली,संवाददाता। एक बार फिर आग की घटना में 27 लोगों की जान चली गई। देश की राजधानी का आधा हिस्सा आग के मुहाने पर हैं, क्योंकि यहां दो हजार अवैध कालोनियां में धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इन अवैध फैक्टियों में हर साल आग की कई घटनाएं होती हैं। घटना होने पर मामला रफा-दफा करने के लिए कुछ दिन सख्ती दिखाई जाती है, फिर वही स्थिति हो जाती है।

अवैध कालोनियों में बहुमंजिला मकानों में किराये पर संपत्ति देकर लोग औद्योगिक इकाइयों का संचालन करा रहे हैं। यही वजह है कि जब भी आग लगती है तो लोगों के पास जान बचाने तक के लिए रास्ते नहीं होते हैं और रोजी-रोटी के लिए आए लोगों अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं। ऐसा नहीं है यह सब प्रशासन से छिपकर हो रहा हो, नगर निगम से लेकर पुलिस और अन्य तमाम एजेंसियों को इसकी जानकारी होती है। नियम तो हैं, लेकिन माने कौन ऐसा नहीं है कि आग की घटनाओं को रोकने के लिए नियमों की कमी है।

नगर निगम से लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण और अन्य एजेंसियों में इसे रोकने के लिए पर्याप्त नियम हैं। बर्शर्ते इन नियमों का पालन नहीं हो पाता है। दिल्ली फायर सर्विस एक्ट 2010 में भवनों में आग से बचाव के लिए कई तरह के प्रविधान है। अवैध इलाके में भी 15 मीटर से ज्यादा ऊंचे आवासीय भवन में आग से बचाव किया जाना जरूरी है।

वहीं, व्यावसायिक तमाम परिसर में अलग-अलग मानक के मुताबिक आग से बचाव की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। अर्पित होटल हादसे के बाद सख्त किए गए थे नियमवर्ष 2019 में करोलबाग के होटल अर्पित में इसी वर्ष फरवरी में हुए भीषण अग्निकांड में 17 पर्यटकों की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने सख्ती दिखाते हुए नियमों में बदलाव किया गया था।

मई माह में नियमों के तहत 50 होटलों व गेस्ट हाउसों में मापदंड पूरा न कर पाने पर अग्निशमन विभाग ने उनको दिया अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) वापस ले लिया था। एनओसी न होने पर पहाड़गंज, करोलबाग, नबीकरीम व महिपालपुर स्थित दिल्ली पुलिस के लाइसें¨सग विभाग ने भी उनके लाइसेंस को रद्द कर दिया था।