दो माह में शहरवासियों को मिलेगा दो अंडरपास का तोहफा, आवागमन में होगी सुविधा

 

दो माह में शहरवासियों को मिलेगा दो अंडरपास का तोहफा

Noida News नोएडा की जीवनरेखा कहे जाने वाले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर जाम की समस्या से निजात दिलाने को जहां-जहां अंडरपास बन रहे हैं वहां गति सीमा 30 किमी प्रतिघंटा की जाएगी। इसके लिए साइन बोर्ड लगेंगे। फिलहाल एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा 100 किमी प्रतिघंटा है।

नोएडा, संवाददाता। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर 19.400 किमी पर कोंडली अंडरपास का निर्माण हो रहा है। अंडरपास को हर हाल में 30 जून से पहले पूरा करना है। इसका 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसका निर्माण 44.90 करोड़ की लागत से हो रहा है।

785 मीटर अंडरपास चार लेन का बन रहा है। अंडरपास के निर्माण से सेक्टर-150, 149, 148, 153, 151, 152 के साथ कोंडली, गढ़ी, समस्तीपुर, मोमनाथल, सफीपुर के लोगों को प्रस्तावित 75 मीटर चौड़ी सड़क पर आवागमन में काफी सुविधा होगी। साथ ही इन सभी सेक्टर और गांवों को एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा एक्सप्रेस-वे के 10.300 किमी पर एडवंट अंडरपास का निर्माण हो रहा है। इस अंडरपास को 31 जुलाई तक खोला जाएगा। इससे सेक्टर-135, 136, 137, 142, 167, 168 के अलावा गढ़ी, शहदरा, वाजिदपुर, मंगरौली और छपरौली के निवासियों को एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसका 82 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसका निर्माण में 45 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।

निर्माणाधीन अंडरपास से पहले वाहनों की गति सीमा लागू होगी

नोएडा की जीवनरेखा कहे जाने वाले नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर जाम की समस्या से निजात दिलाने को जहां-जहां अंडरपास बन रहे हैं, वहां गति सीमा 30 किमी प्रतिघंटा की जाएगी। इसके लिए साइन बोर्ड लगेंगे। फिलहाल एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा 100 किमी प्रतिघंटा है। रोजाना 10 लाख से ज्यादा वाहन इसका इस्तेमाल करते हैं। यह एक्सप्रेस-वे नोएडा को ग्रेटर नोएडा और दिल्ली को सीधे जोड़ता है। अंडरपास स्थल से 300 मीटर पहले ही चार लेन से दो अथवा तीन लेन आवश्यकता अनुसार करने के लिए बैरिकेडिग होगी। लोगों को इसकी जानकारी मिले, इसके लिए साइनबोर्ड रिफ्लेक्टिव टेप और लाइट लगेगी। साथ ही हर अंडरपास पर अतिरिक्त स्टाफ लगेगा।

एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ के गांव और सेक्टरों को जोड़ने के लिए यहां तीन अंडरपास बन रहे हैं। यह अंडरपास बाक्स पुशिग तकनीक से बन रहे हैं। इसमें एक्सप्रेस-वे के यातायात को बिना डायवर्ट किए नीचे से सड़क की खोदाई होती है। दो अंडरपास पहला 19.400 किमी और दूसरा 10.300 किमी, दोनों को जून और जुलाई में खोला जाना है। इस तकनीक से सड़क धंसने की घटना होती रहती है। ऐसे में हादसा न हो, इसके लिए यहां गति सीमा को 100 की बजाय 30 किमी प्रतिघंटा किया गया है। नोएडा को ग्रेटर नोएडा से जोड़ने वाला एक्सप्रेस-वे 23.4 किलोमीटर लंबा है। इसका 20 किमी का हिस्सा नोएडा में है, जबकि बाकी ग्रेटर नोएडा में है।