उदयपुर में चिंतन शिविर के बाद कांग्रेस में बड़ा बदलाव, नामी गुर्जर नेता का इस्तीफा

 

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद पार्टी में बड़ा बदलाव दिखना शुरू हो गया है।

राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद पार्टी में बड़ा बदलाव दिखना शुरू हो गया है। दिल्ली के नामी गुर्जर नेता वीरेंद्र कसाना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नई दिल्ली जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।

नई दिल्ली । राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद पार्टी में बड़ा बदलाव दिखना शुरू हो गया है। दिल्ली के नामी गुर्जर नेता वीरेंद्र कसाना ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने नई दिल्ली जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। इस इस्तीफे के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि पांच साल से अधिक समय तक एक पद पर रह चुके दूसरे नेता भी इसका अनुसरण करें।

क्या हुआ कांग्रेस की चिंतन शिविर में

लगातार विधानसभा चुनाव सहित हाल में ही हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा के हाथों में मिल रही हार के बाद पार्टी ने राजस्थान के उदयरपुर में चिंतन शिविर आयोजित किया। इसमें पार्टी को जीत की राह पर लाने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए। पार्टी सभी 543 लोकसभा सीटों के साथ-साथ राज्यों की विधानसभा सीटों पर करीब 6,500 पूर्णकालिक पर्यवेक्षक नियुक्त करेगी। इन पर्यवेक्षकों के जरिये पार्टी का शीर्ष नेतृत्व हर लोकसभा और विधानसभा सीटों की जमीनी राजनीतिक नब्ज की निरंतर टोह लेकर कांग्रेस की चुनावी रणनीति का संचालन करेगा।

भाजपा से लड़ने के लिए जमीन स्तर पर पार्टी होगी एकजुट

भाजपा के विजय रथ को रोकने के लिए पार्टी को यह अहसास हो चुका है कि अब बूथ स्तर पर चुनावी रणनीति को मजबूत करना होगा। वेणुगोपाल ने ट्वीट में बताया कि कांग्रेस नए दौर के हिसाब से सुधार और बदलाव की राजनीति लोगों के सामने लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है।