कौन हैं अनिल बैजल, खट्टी मीठी यादों के बीच खत्म हुआ एलजी का सफर

 

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की फाइल फोटो।

Who is Anil Baijal दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने निजी कारणों का हवाल देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुछ खट्टी- कुछ मीठी कारणों के कारण अनिल बैजल दिल्ली के लोगों के बीच याद किए जाएंगे।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क।  दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने निजी कारणों का हवाल देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कुछ खट्टी- कुछ मीठी कारणों के कारण अनिल बैजल दिल्ली के लोगों के बीच याद किए जाएंगे। यह भी बता दें कि कभी अधिकारियों की क्लास लगाते तो कभी कंधे पर हाथ रख कर उन्हें अच्छे काम की तारीफ करते थे। खुद आएएस अधिकारी रहे अनिल बैजल सत्ता के गलियारों में भी खूब चर्चा में रहते थे। आइए जानते हैं अनिल बैजल कौन हैं। 

बैजल रहे हैं आइएएस अधिकारी

अनिल बैजल 1969 बैच के आइएएस ऑफिसर रहे हैं। वह केंद्र में अटल बिहारी वायपेयी की सरकार में केंद्रीय गृह सचिव भी रह चुके हैं। ना सिर्फ भाजपा बल्कि बैजल यूपीए सरकार के दौरान जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन से जुड़े। बैजल 2006 शहरी विकास मंत्रालय के सचिव के तौर पर 2006 में सेवानिवृत हुए। विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक्जिक्यूटिव काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं।

अनिल बैजल के बारे में यह भी जानें

1969 में यूटी कैडर से आईएएस के रूप में सर्विस शुरू की थी। उन्हें शहरी इलाकों में इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधारने के लिए जवाहर लाल नेहरू रिन्यूअल मिशन के फ्लैगशिप प्रोग्रैम का पायलट भी माना जाता है। अपने 37 साल के करियर में बैजल प्रसार भारती के सीईओ, गोवा के डिवेलपमेंट कमिश्नर और नेपाल में भारत के सहयोग कार्यक्रम के काउंसलर जैसे कई अहम पदों पर रहे। वह भारती कारपोरेशन के चीफ ऐग्जिक्युटिव भी रह चुके हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय और ईस्ट एंगिला यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। दिल्ली में LG का पद हुआ अहम बता दें कि दिल्ली के उप राज्यपाल का पद इस लिहाज से भी बेहद अहम हो गया है कि दिल्ली के उच्च न्यायालय ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली सरकार का प्रशासनिक प्रमुख उप राज्यपाल ही है।