राजस्‍थान के सीएम अशोक गहलोत बोले, देश में ज्ञानवापी का नया तमाशा शुरू हो गया

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ज्ञानवापी परिसर मामले पर निशाना साधा है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ज्ञानवापी परिसर मामले और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के ठिकानों पर सीबीआइ के छापों को लेकर केंद्र सरकार व भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी को लेकर नया तमाशा शुरू हो गया है।

 संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ज्ञानवापी परिसर मामले और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के ठिकानों पर सीबीआइ के छापों को लेकर केंद्र सरकार व भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस सेवादल के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी को लेकर नया तमाशा शुरू हो गया है। देश में 100 ऐसे स्थान होंगे, जहां ये विवाद पैदा करेंगे। कब तक ये हिंदू- मुस्लिम को लड़ाते रहेंगे। सदियों से साथ रहते आए हैं और सदियों साथ रहना है। देश का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने पूर्व में राजस्थान की सरकार गिराने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं को घेरा।

मल्लिकार्जुन खडगे बोले, मतभेद की कोशिश

उधर, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने ज्ञानवापी मामले को लेकर कहा कि कुछ लोग लोगों के बीच मतभेद की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा, 'ज्ञानवापी मामला कोर्ट में है। अभी उसपर कुछ भी कहना सही नहीं है। ये जो नए-नए मुद्दे निकल रहे हैं, यह देश के लिए अच्छा नहीं है। यह हमारे देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था को बिगाड़ने के लिए है। लेकिन 1947 में सभी मस्जिदों, मंदिरों व अन्य धार्मिक स्थलों में होने वाली पूजा के दर्जे को बरकरार रखना होगा। इसलिए इस संबंध में एक कानून भी बना था।

ज्ञानवापी का सर्वे गैरकानूनी

आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआइएमआइएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा कि ज्ञानवापी का सर्वे गैरकानूनी है और हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद हुआ है। बाबरी मस्जिद के फैसले के बाद मेरी जो आशंका थी वह सच साबित हुई।

अखिलेश यादव ने ज्ञानवापी को जानबूझकर भाजपा का घटनाक्रम बताया

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे को भारतीय जनता पार्टी का प्रोपोगेंडा बताया है। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान भटकाने के लिए भारतीय जनता पार्टी थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर इस तरह के घटनाक्रम जानबूझकर करती है। इस तरह के घटनाक्रमों में या तो भारतीय जनता पार्टी खुद बेहद सक्रिय भूमिका में रहती है या तो भाजपा के अदृश्य मित्र होते हैं। विकास की झूठी बात करने वाली भाजपा की जमीनी हकीकत सामने आने लगी है।