इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत याचिका मंजूर

 


इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

शीना मर्डर केस में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया है। बता दें कि अपनी बेटी शीना की हत्या के आरोप में इंद्राणी मुखर्जी पर 24 अप्रैल 2012 से ट्रायल चल रहा है।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को जमानत दे दी है। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत की न्यायिक हिरासत में चल रही इंद्राणी मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इससे पहले इंद्राणी मुखर्जी को बाम्बे हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी थी।

बता दें कि इंद्राणी मुखर्जी अगस्त 2015 में गिरफ्तार किए जाने के बाद से मुंबई की बायकुला महिला कारागार में बंद है। विशेष सीबीआइ अदालत ने भी इंद्राणी को जमानत देने से कई बार मना कर दिया था। अपनी बेटी शीना की हत्या के आरोप में इंद्राणी मुखर्जी पर 24 अप्रैल 2012 से ट्रायल चल रहा है। सीबीआइ 2012 से इस मामले की जांच कर रही है। इंद्राणी पर आरोप है कि उन्होंने शीना की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को रायगढ़ जिले के एक जंगल में दफना दिया था।

बेटी की हत्या के बाद शव को दफनाने का आरोप

24 अप्रैल 2012 को अपनी बेटी शीना की हत्या करने के आरोप में मुखर्जी का ट्रायल चल रहा है। उन्हें खार पुलिस ने 25 अगस्त 2015 को गिरफ्तार किया था और वह सितंबर 2015 से बायकुला जेल में बंद है। इंद्राणी पर आरोप था कि उन्होंने मुंबई के बांद्रा में अपनी बेटी शीना की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को रायगढ़ जिले में दफना दिया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि शीना बोरा के अवशेष भी मिले हैं।

इंद्राणी ने बेटी को क्यों दी मौत

पुलिस के मुताबिक, इंद्राणी और शीना के बीच संबंध अच्छे नहीं थे, शीना बोरा इंद्राणी के पहले पति की संतान थी, इंद्राणी शीना के बीच आए दिन विवाद होते रहते थे। इंद्राणी ने शीना को मारने के लिए अपने ड्राइवर के साथ साजिश रची। 2 मई 2012 में इंद्राणी ने शीना को बांद्रा में मिलने के लिए बुलाया। फिर उसे कार में बैठाया। कार में ड्राइवर श्याम राय के अलावा एक शख्स और था। इसके बाद कार में ही शीना की गला दबा कर हत्या कर दी गई। इंद्राणी ने ड्राइवर मनोहर राय को लाश ठिकाना लगाने को कहा। ड्राइवर राय लाश को मुंबई से 100 किलोमीटर दूर रायगढ़ के जंगल में लेकर पहुंचा। पहले तो उसने जलाने की कोशिश की, लेकिन फिर बाद में उसे दफना दिया।