एडीए उपाध्‍यक्ष ने लोगों से की अपील- रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए आगे बढ़कर आएं भवन स्वामी

 

रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अफसर सक्रिय हो गए हैं।

एक बार फिर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण रेन वाटर हार्वेस्‍टिंग को लेकर सक्रिय हो गया है। इसके लिए शहर के प्रमुख बिल्‍डर एनजीओ व अन्‍य प्रमुख लोगों के साथ बैठक भी की गयी। एडीए उपाध्‍यक्ष ने लोगों से इस मामले में सहयोग की अपील की है।

अलीगढ़,  संवाददाता। रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अफसर सक्रिय हो गए हैं। बीते दिनों शहर के सभी प्रमुख बिल्डर, एनजीओ समेत शहर के अन्य प्रमुख लोगों के साथ बैठक हो चुकी है। इसमें एडीए उपाध्यक्ष ने शहर के लोगों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए आगे बढ़कर आने की अपील की। वहीं, प्राधिकरण में क्षेत्रवार टीमें बना दी हैं। यह टीम क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाएं परखेंगी।

इन परिस्‍थितयों में रेन वाटर हार्वेस्‍टिंग लगाना जरूरी

एडीए के नियमों के मुताबिक 300 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में बनाए जाने वाले नए भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। इससे वर्षा के जल को एकत्र कर जमीन में प्रवाहित किया जाता है, ताकि भूगर्भ जल स्तर ऊंचा बना रहे। नक्शा पास कराने के लिए सभी भवन स्वामियों को एडीए में शपथ देना होता है। इस शपथ पत्र में शर्त होती है कि नवनिर्मित भवन में वह सिस्टम लगवाएगा। इसके लिए एक निर्धारित जमानत राशि भी जमा होती है। सिस्टम लगने के बाद इसे वापस कर दिया जाता है। भवन निर्माण के पांच साल के अंदर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाना अनिवार्य है।

नहीं होता अमल

भले ही शपथ पत्र में सभी भवन स्वामी रेन वाटर हार्वेस्टिंग का वादा करते हैं, लेकिन अधिकतर के वादे झूठे हो जाते हैं। अधिकतर लोग यह सिस्टम नहीं लगवाते हैं। एडीए के पास इसके लिए कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन अफसर न तो सर्वे कराते हैं और ही न ही कार्रवाई की। महज नोटिस जारी कर खाना पूर्ति कर दी जाती है। एडीए में अब भी दर्जनों लोगों की धनराशि जमा है। अब एडीए की ओर से इसको लेकर अभियान चलाने की तैयारी हो रही है। उपाध्यक्ष गौरांग राठी के निर्देश पर जिले भर में अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण की टीमों को भ्रमण पर लगाया गया है। बिल्डरों से भी अपने क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने की अपील की है।