सैन्य अधिकारियों और जवानों को मिलेगा बड़ा और सुसज्जित घर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह देंगे मंजूरी

 

जवानों को बेहतर और बड़े सुसज्जित घर मुहैया कराए जाएंगे जिनका निर्माण नवीनतम राष्ट्रीय मानकों के आधार पर होगा।

सैन्य अधिकारियों और जवानों को बेहतर और बड़े सुसज्जित घर मुहैया कराए जाएंगे जिनका निर्माण नवीनतम राष्ट्रीय मानकों के आधार पर होगा। आवास के नए मानकों के संबंध में रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा।

नई दिल्‍ली, एएनआइ। सैन्य अधिकारियों और जवानों को बेहतर और बड़े सुसज्जित घर मुहैया कराए जाएंगे जिनका निर्माण नवीनतम राष्ट्रीय मानकों के आधार पर होगा। आवास के नए मानकों के संबंध में रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद इस योजना को अमली जामा पहनाया जाएगा। इस हफ्ते की शुरुआत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मंजूरी मिलने के साथ ही सैन्य कर्मियों के लिए नई आवास परियोजनाओं को अमल में लाया जाएगा। इसमें बहु-स्तरीय पार्किंग सुविधाएं, बहुउद्देश्यीय इनडोर कोर्ट, घरों में 10 फीसद ज्‍यादा खुला क्षेत्र और इलेक्ट्रिकल प्‍वाइंट प्रदान किए जाएंगे।भारतीय सेना के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि आवास के नए पैमानों को 13 साल बाद मंजूरी मिली है। इस मसले पर पिछली समीक्षा साल 2009 में की गई थी और तब से सभी कर्मियों और उनके परिवारों की जीवनशैली में काफी बदलाव आया है। अधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत नए तरह के आवासों से निश्चित रूप से सैन्य कर्मियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।

आवास के नए पैमानों के तहत बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए पवन, सौर, भू-तापीय जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का भी इस्‍तेमाल किया जाएगा। सैन्य कर्मियों के आवासीय क्षेत्रों को अतिरिक्त बास्केटबाल और बालीबाल कोर्ट के साथ नए इनडोर खेल परिसर भी मिलेंगे। यही नहीं एमईएस (military engineering services) अब माड्यूलर किचन के साथ घर बनाएगी। विवाहित सैन्‍य कर्मियों के आवासों में लगेज स्टोरेज स्पेस का भी विस्तार किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि नई परियोजना के तहत घर की दीवारों, छत और फर्श की फिनिशिंग भी अधिक सौंदर्यपूर्ण ढंग से की जाएगी। मालूम हो कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज यानी एमईएस भारतीय सेना के कोर आफ इंजीनियर्स के प्रमुख स्तंभों में से एक है। यह सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय से जुड़े संगठनों को रियर लाइन इंजीनियरिंग सहायता मुहैया कराती है। एमईएस सीमावर्ती क्षेत्रों सहित देश भर में सैन्य स्टेशनों और छावनियों में विविध निर्माण गतिविधियों को अंजाम देता है।