किरोड़ी लाल मीणा बोले, पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के सभी पेपर लीक हुए

 

किरोड़ी लाल मीणा बोले, पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के सभी पेपर लीक हुए। फाइल फोटो

Rajasthan भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के चारों दिन हुए पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने पेपर लीक मामले की सीबीआइ से जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे पूरी भर्ती परीक्षा को रद किया जाना चाहिए।

संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का एक पेपर लीक होने की बात सरकार ने स्वीकार की है। सरकार का कहना है कि 14 मई को दूसरी पारी का पेपर आउट हुआ था। इस मामले में पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। उधर, भाजपा के राज्यसभा सांसद डा. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के चारों दिन हुए पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने पेपर लीक मामले की सीबीआइ से जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि ऐसे पूरी भर्ती परीक्षा को रद किया जाना चाहिए। कांस्टेबल के साढ़े चार हजार पदों की भर्ती के लिए पुलिस मुख्यालय ने 13 से 16 मई तक दो-दो पारियों में भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। मीणा ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत पेपर लीक हुए हैं। इसके लिए पुलिस के अधिकारी और परीक्षा आयोजित करने वाली कंपनी जिम्मेदार है।

चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप

इस मौके पर मीणा ने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए इस पूरे पेपर लीक प्रकरण को अंजाम दिया है। मीणा ने कहा कि सिर्फ 14 मई ही नहीं, बल्कि 13, 15, और 16 मई का पेपर भी परीक्षा से पहले ही इंटरनेट मीडिया पर लीक हो गया था, लेकिन पुलिस के अधिकारियों ने उसे वायरल पेपर बताकर मामला दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सिर्फ पेपर लीक ही बल्कि जिन सेंटरों पर परीक्षा का आयोजन किया गया, वह भी ब्लैक लिस्टेड थे, लेकिन सरकारी सेंटर को छोड़ भर्ती परीक्षा निजी स्कूलों में करवाई गई। गौरतलब है कि स्कूल और कालेज से लेकर सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक गिरोह के खिलाफ इस विधेयक में कड़े प्रावधान किए हैं। परीक्षा में अभ्यर्थी नकल करता है या पेपर लीक करने वाले गिरोह से पर्चा खरीदने का दोषी पाया जाता है, तो उसे तीन साल की सजा भुगतने के साथ ही एक लाख रुपये तक का जुर्माना अदा करना होगा। अभ्यर्थी यदि नकल गिरोह का सदस्य है, तो उसकी सजा और जुर्माना गिरोह के अन्य लोगों की तरह होगा। नकल करते हुए पकड़े जाने पर अभ्यर्थी को दो साल तक किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।