आठ साल बाद जेल से बाहर निकलेंगी इंद्राणी मुखर्जी, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत; जानें पूरा घटनाक्रम

 

आठ साल बाद जेल से बाहर निकलेंगी इंद्राणी मुखर्जी, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत; जानें पूरा घटनाक्रम

Sheena Bora murder case साल 2012 में बेटी शीना बोरा की हत्या करने वाली मां इंद्राणी मुखर्जी को दस साल बाद आज सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। उसकी जमानत याचिका को कोर्ट ने मंजूर कर लिया है ।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क।  बेटी शीना बोरा की हत्या मामले में दस साल से ट्रायल व आठ साल से जेल की सजा भुगत रही मां इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने आज जमानत दे दिया है। साल 2021 के अप्रैल माह में इंद्राणी मुखर्जी ने अपने ड्राइवर व पूर्व पति के साथ मिलकर कार में बेटी शीना बोरा की गला घोंटकर हत्या की थी और तब से ही ट्रायल चल रहा है। अब जाकर शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बता दें कि सीबीआई की विशेष अदालत की न्यायिक हिरासत में चल रही इंद्राणी मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इससे पहले इंद्राणी मुखर्जी को बाम्बे हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी थी।

शीना बोरा के शव को बताया था बहन

शुरुआत में इंद्राणी ने शीना बोरा के शव को अपनी बहन बताया था जिसके बाद यह हत्याकांड और भी रहस्यमय बनता गया। बाद में पुलिस पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह उसकी बेटी थी। दो शादी करने वाली इंद्राणी मुखर्जी के पहले पति की बेटी शीना बोरा थी।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ से मांगा था जवाब

इसी साल फरवरी में शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सीबीआई की विशेष अदालत की न्यायिक हिरासत में चल रही इंद्राणी मुखर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। इससे पहले इंद्राणी मुखर्जी को बाम्बे हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिल सकी थी।

2015 में गिरफ्तार हुई थी इंद्राणी मुखर्जी

24 अप्रैल 2012 को अपनी बेटी शीना की हत्या करने के आरोप में खार पुलिस ने 25 अगस्त 2015 को गिरफ्तार किया था। तब से मुखर्जी मुंबई की बायकुला महिला कारागार में बंद हैं। इससे पहले विशेष सीबीआइ अदालत ने इंद्राणी को जमानत देने से कई बार मना कर दिया था। सीबीआइ 2012 से इस मामले की जांच कर रही है। बेटी शीना की हत्या के आरोप में इंद्राणी मुखर्जी पर 24 अप्रैल 2012 से ट्रायल चल रहा है। इंद्राणी पर आरोप है कि उन्होंने शीना की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को रायगढ़ जिले के एक जंगल में दफना दिया था। जांच एजेंसियों का दावा था कि उन्हें शीना बोरा के अवशेष भी मिले हैं।

शीना बोरा के जिंदा होने का किया था दावा

अपनी ही बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में छह साल से जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई डायरेक्टर को पत्र लिखकर दावा किया है कि शीना बोरा जिंदा है। सूत्रों के अनुसार शीना ने सीबीआई डायरेक्टर को लिखे अपने पत्र में कहा है कि उसे उसकी ही जेल में बंद एक महिला कैदी ने बताया कि शीना बोरा उसे कश्मीर में मिली थी, और वह जिंदा है। हालांकि इंद्राणी की वकील सना खान का कहना है कि उन्हें इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह पत्र इंद्राणी ने सीधे सीबीआई डायरेक्टर को भेजा है।

फोरेंसिक जांच में शीना बोरा के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है।

2012 ली थी बेटी की जान

सीबीआई द्वारा कोर्ट में पेश किए जा चुके आरोपपत्र के अनुसार इंद्राणी मुखर्जी ने ही अपने ड्राइवर श्यामवर राय एवं पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर 2012 में अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या कर दी थी। किसी दूसरे मामले में 2015 में श्यामवर राय की गिरफ्तारी होने पर इस मामले का खुलासा हुआ था। तभी मुंबई-गोवा मार्ग पर रायगढ़ से शीना बोरा के जले हुए शव के अवशेष बरामद किए गए थे।

जेल में इंद्राणी मुखर्जी व पीटर मुखर्जी का हुआ था तलाक

इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी के तीन माह बाद ही उसके पति व मीडिया मुगल पीटर मुखर्जी को भी इस हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। इंद्राणी द्वारा अपनी ही बेटी की हत्या का कारण शीना बोरा के पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी से संबंध बताए जा रहे हैं। शीना बोरा और पीटर दोनों को इस संबंध पर ऐतराज था। हत्या का दूसरा कारण इंद्राणी मुखर्जी के कुछ आर्थिक मामलों की जानकारी शीना बोरा को हो जाना भी बताया जाता है। शीना और पीटर मुखर्जी अब अपना वैवाहिक संबंध भी तोड़ चुके हैं। दोनों ने जेल में रहते हुए ही 2017 में तलाक की अर्जी दी थी। 2019 में उन्हें तलाक मिल गया था।