दिल्ली सहित कई शहरों में तेजी से पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी मुसीबत

 

2022 की शुरुआती हीट वेव 11 मार्च को शुरू हुई थी

दिल्ली में इस साल गर्मी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। दो स्टेशनों पर रविवार 15 मई को पारा 49 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। जब से तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है तब से अब तक दिल्ली के इतिहास में पहली बार पारा इस स्तर पर पहुंचा।

नई दिल्ली। जलवायु परिवर्तन का असर साफ दिखने लगा है। इस साल गर्मी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिल्ली में तापमान रिकॉर्ड करने वाले दो स्टेशनों पर रविवार 15 मई को पारा 49 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। दिल्ली में पहली बार पारा इस स्तर पर पहुंचा है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की संभावना है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले समय में झुलसा देने वाली गर्मी भरे दिन और बढ़ेंगे। पर्यावरण और डेवलपमेंट के मुद्दों पर काम करने वाली संस्था इंटीग्रेटेड रिसर्च एंड एक्शन फॉर डेवलपमेंड (IRADe) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले दिनों में हीट वेव के दिनों और तीव्रता में वृद्धि देखी जाएगी। वहीं गर्मी बढ़ने के साथ आर्द्रता में भी वृद्धि होगी।

इंटीग्रेटेड रिसर्च एंड एक्शन फॉर डेवलपमेंड और कनाडा की संस्था इंटरनेशनल डेवलपमेंट रिसर्च सेंटर की ओर से दिल्ली और राजकोट के शहरों के लिए हीटवेव दिनों की संख्या में वृद्धि का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में दिल्ली में 49 दिनों तक हीट वेव दर्ज की गई जो 2019 में बढ़ कर 66 दिनों तक पहुंच गई जो एक साल में लगभग 35% की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं 2001 से 10 के आंकड़ों पर नजर डालें तो हीट वेव के दिनों में 51% की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं राजकोट की बात करें तो 2001-10 के बीच कुल 39 दिन हीट वेव दर्ज की गई। वहीं ये संख्या 2011 से 21 के बीच बढ़ कर 66 दिनों तक पहुंच गई।

इंटीग्रेटेड रिसर्च एंड एक्शन फॉर डेवलपमेंड के डिप्टी डायरेक्टर रोहित मगोत्रा के मुताबिक 21वीं सदी में हीट वेव की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ने की संभावना है। हाल ही में आई 6 वीं आईपीसीसी रिपोर्ट में पृथ्वी की सतह के 2.0 डिग्री फ़ारेनहाइट (1.1 डिग्री सेल्सियस) के आसपास गर्म होने पर चेतावनी दी गई है। इससे भविष्य में वैश्विक औसत तापमान और हीटवेव में वृद्धि होगी।

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दिल्ली में झुलसाने वाली गर्मी

दिल्ली में इस साल गर्मी अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। दिल्ली में मौसम विभाग के दो स्टेशनों पर रविवार 15 मई को पारा 49 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। जब से तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है तब से अब तक दिल्ली के इतिहास में पहली बार पारा इस स्तर पर पहुंचा। जानकार इसे स्थानीय इलाकों में हीटवेव का असर बता रहे हैं। दिल्ली के मंगेशपुर में तापमान 49.2 और नजफगढ़ में 49.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, वहीं सफदरजंग स्थित दिल्ली के मुख्य मौसम स्टेशन में 45.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

मार्च से ही चलने लगी हीट वेव

सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों का सीएसई ने विश्लेषण किया है। इन आंकड़ों के अनुसार, 2022 की शुरुआती हीट वेव 11 मार्च को शुरू हुई थी, जिसने 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (24 अप्रैल तक) को प्रभावित किया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इस अवधि के दौरान, इन राज्यों में हीट वेव के 25 दिन (भीषण गर्मी की लहर / लू) सबसे बुरे रहे।

दिल्ली में लगातार बढ़ती हीट वेव

साल
हीट वेव की संख्या
2011 31
2012 56
2013 37
2014 39
2015 38
2016 47
2017 40
2018 49
2019 66

हीटवेव है जानलेवा

दिल्ली मेडिकल काउंसिल की साइंफिक कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर नरेंद्र सैनी के मुताबिक हीट वेव को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इससे आपकी जान भी जा सकती है। हमारे शरीर के ज्यादातर अंग 37 डिग्री सेल्सियस पर बेहतर तरीके से काम करते हैं। जैसे जैसे तापमान बढ़ेगा इनके काम करने की क्षमता प्रभावित होगी। बेहद गर्मी में निकलने से शरीर का तापमान बढ़ जाएगा जिससे ऑग्रेन फेल होने लगेंगे। शरीर जलने लगेगा, शरीर का तापमान ज्यादा बढ़ने से दिमाग, दिल सहित अन्य अंगों की काम करने की क्षमता कम हो जाएगा। यदि किसी को गर्मी लग गई है तो उसे तुरंत किसी छाया वाले स्थान पर ले जाएं। उसके पूरे शरीर पर ठंडे पानी का कपड़ा रखें। अगर व्यक्ति होश में है तो उसे पानी में इलेक्ट्राल या चीनी और नमक मिला कर दें। अगर आसपास अस्तपाल है तो तुरंत उस व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं।