इनकम टैक्स नियम में बदलाव, अब आय माने जाएंगे बिक्री बढ़ाने के लिए मिलने वाले उपहार

 

गिफ्ट को लेकर इनकम टैक्स नियम में बदलाव।

इनकम टैक्स ने नियमों में बदलाव करते हुए अब उपहारों को भी टीडीएस की श्रेणी में शामिल कर दिया है। उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए कारोबारियों को उपहार देने वाली कंपनियों को टीडीएस काटकर रिटर्न में बताना होगा।

कानपुर, संवाददाता। अपने उत्पाद की बिक्री बढा़ने के लिए बहुत सी कंपनियां अपने वितरक, थोक व फुटकर कारोबारियों को उपहार देती हैं। इसी तरह दवा कंपनियां भी अपनी दवाओं की बिक्री बढ़ाने के लिए डाक्टरों को अक्सर बड़े-बड़े उपहार देती हैं।

कंपनियां इस खर्च को सेल्स प्रमोशन के मद में डालकर आयकर का लाभ ले लेती हैं लेकिन उपहार पाने वाला इन्हें ना तो अपनी आय में शामिल करता है न अपने रिटर्न में उसका कोई जिक्र करता है लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा। टैक्स डिडेक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) के नए नियमों के चलते उपहार पाने वाले को इसे अपनी आय में शामिल करना होगा। यह प्रावधान एक जुलाई 2022 से लागू होने जा रहा है। हालांकि 20 हजार रुपये तक के उपहार देने पर यह नियम लागू नहीं होगा।

इन पर नियम लागू नहीं होगा : एकल स्वामित्व वाली फर्म, हिंदू अभिविभाजित परिवार जिनकी व्यापार से बिक्री एक करोड़ रुपये से कम या पिछले वित्तीय वर्ष में पेशे से प्राप्तियां 50 लाख रुपये से कम हों। - लाभ या अनुलाभ प्राप्त करने वाला भारत का नागरिक न हों।

-इस नए नियम का उद्देश्य सभी प्रकार के व्यापारिक लाभों या अनुलाभों को टीडीएस के जरिए कर योग्य आय की श्रेणी में लाना है। इससे महंगे उपहार लेने के बाद भी जो लोग उस पर टैक्स नहीं देते हैं, उन्हें उस पर कर चुकाना होगा। - डा. मलय गुप्ता, चार्टर्ड अकाउंटेंट।