खाड़ी देशों की नाराजगी दूर करने में जुटा भारत, पाकिस्तान और ओआइसी को सुनाई खरी-खरी

 

भारतीय विदेश मंत्री की फाइल फोटो ।

Hate Religious Comments रविवार को कतर कुवैत ईरान ने अपने यहां भारतीय राजनयिकों को समन कर अपने देश की नाराजगी से अवगत कराया था। इसके बाद सऊदी अरब बहरीन ने तल्ख टिप्पणी जारी कर अपनी नाराजगी जताई।

पाकिस्तान को दिखाया आईना

पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान और सोशल मीडिया पर पाक के सरकारी पदों पर बैठे लोगों की तरफ से जारी बयान पर भारत ने कहा कि अपने देश में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का हमेशा से उल्लंघन करने वाले देश की तरफ से दूसरे देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर बयान देना किसी के भी समझ से परे है। पूरी दुनिया देख रही है कि किस तरह से पाकिस्तान में हिंदुओं, सिखों, ईसाइयों और अहमदिया लोगों का उत्पीड़न हो रहा है। भारत सरकार हर धर्म को एक समान सम्मान देती है। इसके उलट पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरता फैलाने वालों के सम्मान में स्मारक बनाए जाते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान दूसरे देश में धार्मिक उन्माद फैलाने की बजाय अपने देश में अल्पसंख्यकों की स्थिति सुधारने पर ध्यान देगा।

ओआइसी की टिप्पणी अनुचित और संकुचित

इसी तरह से ओआइसी की टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा है कि भारत सरकार ओआइसी की अनुचित और संकीर्ण सोच वाली टिप्पणी को सिरे से खारिज करती है। जिन टिप्पणियों का जिक्र किया गया है वह व्यक्तिगत स्तर पर किया गया है और वह भारत सरकार का किसी भी तरह से विचार नहीं है। इन व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जा रही है। यह दुर्भाग्य की बात है कि ओआइसी सचिवालय कुछ स्वार्थी तत्वों के जरिए विभेदकारी एजेंडे को बढ़ावा दे रहा है। हम ओआइसी से आग्रह करते हैं कि वो सभी धर्मों को एक समान आदर दे।

पार्टी पदाधिकारियों पर कार्रवाई का स्वागत

विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि जिन देशों ने भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखी है, उनका ही जवाब दिया जा रहा है। कुछ देशों की तरफ से पार्टी विशेष का नाम लेकर उनकी प्रवक्ताओं की टिप्पणियों की ¨नदा की है, इस बारे में विदेश मंत्रालय कुछ नहीं कर सकता। अच्छी बात यह है कि इस मामले में पार्टी विशेष ने जो फैसला किया है, उसका सभी ने स्वागत किया है। ओआइसी की टिप्पणी भारत के लिए कोई ज्यादा ¨चता की बात नहीं है क्योंकि यह संगठन पाकिस्तान के इशारे पर कई बार इस तरह का काम कर चुका है। यही वजह है कि हाल के महीनों में यह कभी कश्मीर पर तो कभी यासीन मलिक को सजा देने पर टिप्पणी करता रहा है जिसका भारत माकूल जवाब देता रहा है।