जीतनराम मांझी को एनडीए में महसूस हो रही घुटन? नीतीश कुमार ने बताया कि उन्हें क्या लगता है

जीतनराम मांझी और सीएम नीतीश कुमार। जागरण आर्काइव।

जीतनराम मांझी के एनडीए में घुटन महसूस होने वाले बयान पर नीतीश कुमार ने कहा कि मुझे तो ऐसा नहीं लगता। मांझी एनडीए का हिस्सा हैं। जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद मीडिया से नीतीश बात कर रहे थे।

 पटना। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने रविवार को कहा था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में उन्हें घुटन महसूस हो रही है। उन्होंने इसके लिए विधायकों की तुलना में उनकी पार्टी के बीजेपी और जदयू से छोटे होने की दुहाई दी थी। मांझी ने यह भी कहा था कि साल 2015 में मुख्यमंत्री बनने के बाद एक साल से भी कम समय में सीएम का पद छोड़ने का उन्हें मलाल है। मांझी के बयान के 24 घंटे बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए सोमवार को नीतीश ने कहा कि मुझे तो ऐसा नहीं लगता। मांझी एनडीए का हिस्सा हैं।

इसके पहले रविवार को बिहार के किशनगंज में हिन्दु्तानी अवाम मोर्चा (हम) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मांझी ने नीतीश कुमार की प्रशंसा की और शराबबंदी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी कानून से लोग दुश्मनी भी निकाल रहे हैं। किसी के यहां भी शराब की बोतल रखकर उसको जेल भिजवा दिया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन के लोग शराबबंदी के बाद करोड़पति हो रहे हैं। गरीब तबके के लोगों को बिना गुनाह के ही परेशान किया जा रहा है। मांझी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कानून में बदलाव को कहा है। नीतीश कुमार के पीएम बनने के सवाल पर मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री में प्रधानमंत्री बनने के सारे सारे गुण हैं, लेकिन गुण रहने से ही सभी कुछ नहीं हो जाता। यह समय पर निर्भर करता है। जातीय जनगणना की बात पर उन्होंने कहा कि यह बहुत आवश्यक है। इसके लिए नीतीश कुमार बधाई के पात्र हैं।

बिहार में मांझी की पार्टी के हैं चार विधायक

बिहार विधानसभा में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतनराम मांझी की पार्टी के चार विधायक हैं। मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन मंत्री हैं। हाल ही में मांझी ने बेटे संतोष को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बना दिया है। ऐसे में विधायकों की तुलना में एनडीए के अन्य सहयोगियों से मांझी अपने कमजोर होने की बात करते रहते हैं।