दिल्ली के पंप संचालकों ने तेल कंपनियों से नहीं खरीदा पेट्रोल-डीजल, क्या बढ़ेगी लाखों लोगों की परेशानी?

 

पंप संचालकों ने तेल कंपनियों से नहीं खरीदा पेट्रोल-डीजल, क्या बढ़ेगी लाखों लोगों की परेशानी?

खुद का कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर दिल्ली के सैकड़ों पेट्रोल पंप संचालकों ने मंगलवार को ‘खरीद नहीं दिवस’ मनाया। यह विरोध तेल विपणन कंपनियों के खिलाफ था। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि कंपनियां नहीं मानती हैं तो बड़ा आंदोलन भी हो सकता है।

नई दिल्ली, संवाददाता। क्या देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की किल्लत शुरू हो सकती है? इसकी आशंका इसलिए गहरा गई है क्योंकि दिल्ली के पंप संचालकों ने तेल कंपनियों से पेट्रोल-डीजल नहीं खरीदा है। दरअसल, तेल विपणन कंपनियों से खुद का कमीशन बढ़ाने की मांग को लेकर दिल्ली के सैकड़ों पेट्रोल पंप संचालकों ने मंगलवार को ‘खरीद नहीं दिवस’ मनाया। 

इसके तहत दिल्ली के 400 पेट्रोल पंपों में से तकरीबन 80 प्रतिशत ने पेट्रो कंपनियों से पेट्रोल-डीजल की खरीद नहीं की। वैसे, इस कारण दिल्ली में किसी भी पंप से पेट्रोल-डीजल की किल्लत की सूचना नहीं है। बावजूद इसके माना जा रहा है कि इसका आंशिक असर अगले कुछ दिनों में देखने को मिल सकता है, क्योंकि दिल्ली में लाखों की संख्या में पेट्रोल और डीजल से संचालित वाहन हैं। अगर पेट्रोल और डीजल की जरा सी भी किल्लत हुई तो इसका असर नजर आ सकता है।

जागरण संवाददाता नेमिष हेमंत के मुताबिक, दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग नारायण (Anurag Narayan, President of Delhi Petrol Dealers Association) ने दावा किया कि उन लोगों का खरीद नहीं दिवस’ आंदोलन सफल रहा। वह केंद्र सरकार के साथ-साथ तेल विपणन कंपनियों को भी अपना स्पष्ट संदेश संदेश देने में सफल रहे।

बता दें कि सोमवार को ही पत्रकार वार्ता के जरिये पंप संचालकों ने इस अनोखे विरोध की जानकारी दी थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों का कमीशन नहीं बढ़ाया है, जो कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल समेत अन्य मदों में खर्च की प्रतिपूर्ति होती है। इससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

जनपथ रोड स्थित एक पेट्रोल पंपकर्मी सुरेश ने बताया कि भले ही दिनभर कोई टैंकर नहीं आया, लेकिन संकट की स्थिति नहीं बनी, क्योंकि पहले से ही स्टाक है। अनुराग नारायण ने कहा कि अगर अब भी कंपनियां नहीं मानती हैं तो वे बड़े आंदोलन पर विचार कर सकते हैं। इसका मतलब आंदोलन शुरू हुआ तो दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की किल्लत के लिए कोहराम मच सकता है। 

यहां पर बता दें कि सरकारी तेल कंपनियों ने बुधवार सुबह 6 बजे पेट्रोल-डीजल नई कीमतें सुबह 6 बजे जारी कर दीं। पिछले कई दिनों की तरह बुधवार को पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 21 मई को मोदी सरकार ने पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम कर दी थी. जिसके बाद पेट्रोल 9.50 रुपये और डीजल 7 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो गया था। दिल्ली में अब पेट्रोल 100 के नीचे तो डीजल 90 के नीचे बना हुआ है।