कर्नाटक के मंगलुरु में ED की छापेमारी, मनी लॉन्ड्रिंग के एगंल से जारी है ईडी की जांच

 


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के मंगलुरू में की छापेमारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के मंगलुरू में पिछले साल शहर में हुए एक कुकर बम विस्फोट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलें की जांच के तहत कर्नाटक के मंगलुरु में कुछ स्थानों पर बुधवार को तलाशी ली है।

बेंगलुरु, पीटीआई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पिछले साल शहर में हुए एक कुकर बम विस्फोट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलें की जांच के तहत कर्नाटक के मंगलुरु में कुछ स्थानों पर बुधवार को तलाशी ली है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी कर्नाटक के कई क्षेत्रों में ईडी की छापेमारी चल रही है। संघीय जांच एजेंसी का मनी लॉन्ड्रिंग का मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की प्राथमिकी पर आधारित है। ईडी के अधिकारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत दर्ज मामले में दस्तावेज और सबूत इकट्ठा करने के लिए कुछ अन्य स्थानों के अलावा मंगलुरु में एक इमारत में छापेमारी की जहां एक कांग्रेस पार्टी का कार्यालय भी स्थित है। कर्नाटक के गृह मंत्री ने भी बताया कि ईडी के अधिकारी उस क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं जहां संदिग्ध आतंकवादियों शारिक, माज मुनीर और मतीन के तीर्थहल्ली (शिवमोग्गा) स्थित घर हैं, उनके घरों की तलाशी ली जा रही है। अधिकारी पड़ोसी के घरों में भी जा रहे हैं और जानकारी जुटा रहे हैं।

पिछले साल हुआ था मंगलुरु में ब्लास्ट

सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने उस इमारत में एक कार्यालय की तलाशी ली और किसी भी राजनीतिक दल के परिसर में कोई छापेमारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य स्थानों पर भी तलाशी ली गई। पिछले साल 19 नवंबर को मंगलुरु के बाहरी इलाके में एक ऑटो रिक्शा में एक बम विस्फोट हुआ था और कथित तौर पर तिपहिया वाहन में विस्फोटकों को संभालने वाला व्यक्ति मोहम्मद शरीक इस मामले का मुख्य संदिग्ध है। विस्फोट में शरिक 40 प्रतिशत जल गया था। पुलिस के अनुसार शारिक और उसके साथी कथित तौर पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से प्रेरित थे और टेलीग्राम मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से इसके संपर्क में थे।

कर्नाटक में बड़े ब्लास्ट की फिराक में था मोहम्मद शरीक

पुलिस ने यह भी कहा कि भारत के बाहर उनके आकाओं ने बम बनाने में उनका मार्गदर्शन करने के लिए एक दस्तावेज भेजा था। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों ने मिले दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए एक बम बनाया और कर्नाटक में शिवमोग्गा जिले के पास तुंगा नदी के तट पर उस बम का परीक्षण भी किया था। पुलिस ने कहा था कि आरोपियों ने पूरे कर्नाटक में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की योजना बनाई थी। पिछले साल 15 अगस्त को शिवमोग्गा में हिंदुत्व विचारक वी सावरकर पर हुई हिंसा के कारण पुलिस ने आईएस से प्रेरित एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, लेकिन शारिक ने पुलिस को चकमा दे दिया था। जिसे देखते हुए बाद में मामला एनआईए को सौंप दिया गया था।