सेना में सूबेदार थे नाना, प्रेरणा लेकर शाहपुर का 21 साल का हर्ष बना लेफ्टिनेंट, लद्दाख में देगा सेवाएं

 

शाहपुर, संवाद सूत्र। Lieutenant Harsh, कांगड़ा जिले के शाहपुर के 21 वर्षीय हर्ष शर्मा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। अब वह 10 गार्ड बटालियन लद्दाख में सेवाएं देंगे। 11 जून को भारतीय सेना अकादमी देहरादून में पासिंग आउट परेड में उन्हें सेना में अहम जिम्मेदारी मिली। इस अवसर पर हर्ष के माता-पिता भी मौजूद रहे।

पासिंग आउट परेड के बाद सैन्य अधिकारियों, उनके स्वजन और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी। हर्ष बचपन से ही होनहार छात्र रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिद्धपुर, धर्मशाला में और उसके बाद 12वीं तक की शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर, टीहरा में हुई। 12वीं में पढ़ाई के दौरान ही इनका एनडीए पुणे में चयन हुआ। तीन साल के प्रशिक्षण के बाद आइएमए ज्वाइन की जहां पर एक साल की ट्रेनिंग के बाद 11 जून को कमीशन प्राप्त किया। हर्ष के पिता संदीप कुमार धर्मशाला अस्पताल में चीफ फार्मासिस्ट हैं व माता सुनीता देवी टांडा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में वार्ड सिस्टर हैं। हर्ष के दादा केवल कृष्ण व चाचा रजनीश शर्मा भी फार्मासिस्ट हैं और शाहपुर में दवा की दुकान करते हैं।हर्ष की एक छोटी बहन भी है जो 12वीं के बाद मेडिकल की कोचिंग ले रही है। हर्ष के दादा केवल कृष्ण ने बताया कि उनके पिता स्व. विद्याधर भी अस्पताल में कंपाउंडर थे, उनका पूरा परिवार मेडिकल लाइन में ही रहा। उन्होंने बताया कि उनका पोता हर्ष शर्मा सेना में गया है, जिस पर उन्हें गर्व है। हर्ष के पिता संदीप ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे का सपना था कि सेना में जाकर देश सेवा करेगा जो कि पूरा हुआ और अब वह लद्दाख में सेवाएं देगा।

क्या कहते हैं लेफ्टिनेंट हर्ष

हर्ष ने बताया कि उसका बचपन से झुकाव सेना की तरफ था। वह सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना चाहता था। इसकी प्रेरणा उनके नाना चुनी लाल से मिली जो सेना में सूबेदार थे। उन्होंने इसका श्रेय अपने माता-पिता को दिया।