वृद्धावस्था में आने वाले बुरे और भयावह सपने देते हैं इस खतरनाक बीमारी के संकेत, तुरंत लें डाक्‍टर की मदद

 

बुजुर्गों के समूह में भयावह सपने खतरनाक बीमारी के संकेत हैं। (File Photo)

यदि बुढ़ापे में बुरे सपने आते हैं तो सतर्क हो जाएं। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक अध्‍ययन में पाया है कि वृद्धावस्था में आने वाले बुरे और भयावह सपने एक खतरनाक बीमारी के संकेत होते हैं। पढ़ें यह रिपोर्ट...

लंदन, आइएएनएस। ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने एक दीर्घकालिक अध्ययन के आधार पर दावा किया है कि वृद्धावस्था में आने वाले बुरे व भयावह सपने पार्किसंस की शुरुआत के संकेत देते हैं। पार्किसंस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र से जुड़ा एक विकार है, जो व्यक्ति की गतिविधियों को प्रभावित करता है। ई-क्लीनिकलमेडिसिन नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन निष्कर्ष में बताया गया है शोध के दौरान बुरे व भयावह सपने आने वाले बुजुर्गों के समूह में पार्किसंस के विकास की आशंका सामान्य बुजुर्गों के मुकाबले दोगुनी पाई गई।पूर्व के अध्ययनों में यह बताया जा चुका है कि पार्किसंस पीडि़तों को भयावह सपने ज्यादा आते हैं। हालांकि, उसमें यह नहीं बताया गया था कि वृद्धावस्था में ऐसे सपनों का आना पार्किसंस की शुरुआत का संकेत हो सकता है।

यूनिवर्सिटी आफ बर्मिंघम से जुड़े अध्ययन के प्रमुख लेखक डा. बिदेमी ओटाइकु के अनुसार, 'अध्ययन निष्कर्ष पार्किंसंस का जल्द पता लगाने में मददगार हो सकता है। इस बीमारी के खतरों के संकेत न के बराबर हैं। हमें इस क्षेत्र में और शोध करने की आवश्यकता है। वृद्धावस्था में जिन लोगों के सपनों में बदलाव आते हैं या बुरे व भयावह सपनों के आने का सिलसिला बढ़ जाता है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह जल्द लेनी चाहिए।'

शोध के लिए विज्ञानियों ने अमेरिका में हुए एक व्यापक अध्ययन के आंकड़ों का इस्तेमाल किया, जो 3,818 बुजुर्गों पर 12 वर्षों तक चला था।  

वहीं एक अन्‍य अध्‍यन में कहा गया है कि कोरोना वायरस पार्किसंस डिजीज को भी बढ़ाता है। वैज्ञानिकों ने इस बीमारी में कोरोना वायरस की भूमिका को लेकर चूहों पर एक अध्‍ययन किया जिसमें पाया गया है कि कोरोना चूहों के मस्तिष्क के न‌र्व्स सेल्स को उस टाक्सिन के प्रति संवेदनशील बना देता है जो पार्किसंस के लिए जिम्मेदार है। यह अध्‍ययन मूवमेंट डिसआर्डर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। एक आंकड़े के अनुसार दुनियाभर में पार्किसंस से दो फीसद लोग ग्रस्त हैं। पार्किसंस का जोखिम 55 साल की उम्र के बाद होता है।