बीमार परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान लौटने को तैयार, दुबई में करा रहे थे बीमारी का इलाज

 

पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ की हालत नाजुक है।

Pervez Musharraf पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ अपनी लंबी बीमारी के बाद एक बार फिर पाकिस्तान लौटने को तैयार हैं। बता दें कि स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण पिछले तीन सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे।

इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ की हालत नाजुक है। बीते दिनों उन्हें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुशर्रफ के परिवार ने हाल ही बताया था कि वे पिछले तीन सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे और उनके अंग खराब हो रहे हैं। वायस आफ अमेरिका ( वीओए) ने मंगलवार को सूचना दी कि मुशर्रफ अब स्व-निर्वासन से स्वदेश लौटने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, उनके पाकिस्तान पहुंचने की सही तारीख का अभी खुलासा नहीं किया गया है। उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने वीओए को बताया कि पाकिस्तान में अधिकारी 79 वर्षीय पूर्व जनरल मुशर्रफ की अपने देश वापसी की अनुमति देने की व्यवस्था कर रहे हैं। इसके अलवा, रिपोर्ट में कहा गया है कि एक एयर एम्बुलेंस मुशर्रफ को उनके परिवार और डाक्टरों की सहमति से दुबई के एक अस्पताल से वापस लाएगी।

मुशर्रफ की विदेश यात्रा

आपको बता दें कि परवेज मुशर्रफ 2016 से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे हैं। उनके वहां रहने के पीछे की बड़ी वजह उनका स्वास्थ्य बताया जाता है, जब उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए जमानत पर विदेश यात्रा करने की अनुमति दी गई थी। उस समय, मुशर्रफ पर देशद्रोह का आरोप लगा था और उनपर पाकिस्तान में मुकदमा चलाया जा रहा था, जो बाद में एक उच्च न्यायालय के फैसले के बाद पलट गया। आपको मालूम हो कि पिछले हफ्ते, मीडिया रिपोर्ट्स में मुशर्रफ के बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर तमाम खबरे समाने आईं थी, जिसपर उनके परिवार की ओर से स्पष्टीकरण देते हुए बताया गया कि वे पिछले तीन सप्ताह से अस्पताल में भर्ती हैं। उनके अंग खराब हो रहे हैं। सुधार की संभावना बेहद कम है। मुशर्रफ के परिवार ने लोगों से उनके लिए दुआ करने को भी कहा।

पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के बारे में

78 वर्षीय पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया है। मुशर्रफ को पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्याकांड और लाल मस्जिद के मौलवी हत्या मामले में भगोड़ा घोषित किया गया। इसके अलावा, 2016 से दुबई में रह रहे पूर्व राष्ट्रपति पर 2007 में संविधान को निलंबित करने के लिए देशद्रोह का मुकदमा चल रहा था।