होम गार्ड को धक्का देकर दिल्ली में क्राइम ब्रांच के दफ्तर के बाहर से भाग गया बिहार का कुख्यात शराब माफिया, जानें पूरा मामला

 

चाणक्यपुरी थाने में इस बाबत कमल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

बिहार में शराब बंदी के कारण उसने कई साल पहले पटना में अपना टिकाना बना लिया था और वहां रहकर उसने हरियाणा से शराब मंगवा बिहार में अवैध कारोबार शुरू कर दिया। कुछ सालों के दौरान उसने अवैध कारोबार से अरबों की दौलत अर्जित कर ली।

नई दिल्ली, संवाददाता। चाणक्यपुरी स्थित क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट कार्यालय के बाहर से बिहार होम गार्ड के जवान को धक्का देकर बिहार का कुख्यात शराब माफिया कमल सिंह के भाग जाने का मामला प्रकाश में आया है। चार दिन पहले दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल की टीम ने कमल सिंह को गिरफ्तार किया था। पटना पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया गया। रविवार देर रात पटना पुलिस की टीम जब उसे हिरासत में लेकर दिल्ली से बिहार जाने के लिए निकली तभी कमल, होम गार्ड को धक्का देकर भागने में कामयाब हो गया। चाणक्यपुरी थाने में इस बाबत कमल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक माफिया कमल सिंह मूलरूप से रोहतक, हरियाणा के शिवाजी कालोनी थानाक्षेत्र का रहने वाला है। इसके खिलाफ पटना व नालंदा जिले में शराब तस्करी के दस से ज्यादा मामले दर्ज हैं। बिहार में शराब बंदी के कारण उसने कई साल पहले पटना में अपना टिकाना बना लिया था और वहां रहकर उसने हरियाणा से शराब मंगवा बिहार में अवैध कारोबार शुरू कर दिया। कुछ सालों के दौरान उसने अवैध कारोबार से अरबों की दौलत अर्जित कर ली। पिछले साल पटना के बाईपास थाने से सटे एक घर में शराब का गोदाम मिलने के बाद पटना के पीर बहोर थाना पुलिस ने कुछ महीना पहले रोहतक पहुंचकर कमल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। उसे पटना के बेऊर जेल में रखा गया।

10 अप्रैल को पेट दर्द की शिकायत पर पटना पुलिस जब उसे उपचार के लिए पटना मेडिकल कालेज अस्पताल लेकर गई, तब वहां पहले से मौजूद सिंडिकेट से जुड़े चार सदस्य पुलिसकर्मियों को धक्का देकर कमल को भगा ले गए थे। चारों यूपी नंबर की कार से अस्पताल पहुंचे थे। जांच में यह बात सामने आई थी कि चारों कई बार कमल से मिलने जेल भी गए थे। वहीं भगाने की साजिश रची गई और तब योजना को अंजाम दिया गया। पटना पुलिस को कमल के आगरा के ठिकाने का पता चला था। जिसके बाद पटना पुलिस ने आगरा में भी दबिश दी थी लेकिन तब तक उसने ठिकाना बदल लिया था।

पटना पुलिस ने इस बाबत दिल्ली पुलिस से भी जानकारी साझा की थी। इनपुट के आधार पर कुछ हफ्ते पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पहले कमल को भगाने में शामिल दीपक सिंह को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने बीते शनिवार को कमल को भी दबोच लिया। उसे चाणक्यपुरी स्थित इंटर स्टेट कार्यालय में रखकर पटना पुलिस को उसके बारे में सूचना दे दी गई। सूचना पाकर पीर बहोर थाने से सब इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार, एक सिपाही व होम गार्ड हृदय नारायण यादव को लेकर दिल्ली पहुंचे।

पटियाला हाउस कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेने व कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार रात दस बजे क्राइम ब्रांच ने कमल को पटना पुलिस को सौंप दिया। तीनों पुलिसकर्मी कमल को लेकर रात में ही बिहार के लिए रवाना होने के लिए निकले। सब इंस्पेक्टर व सिपाही, क्राइम ब्रांच दफ्तर के बाहर पार्किंग में खड़ी गाड़ी में जाकर बैठ गए। पीछे से होम गार्ड जब कमल को लेकर गाड़ी के पास जा रहा था तभी होम गार्ड को धक्का देकर कमल फरार हो गया। रात में काफी तलाशी के बावजूद जब कमल नहीं मिला तब होम गार्ड की शिकायत पर चाणक्यपुरी थाने में मामला दर्ज कर लिया गया।

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