दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कारिडोर पर मिलेगी सुविधा, रैपिड ट्रेन में बिना टिकट और स्मार्ट कार्ड भी कर सकेंगे सफर

 

Delhi-Meerut Rapid Rail: दिल्ली-मेरठ कारिडोर पर मिलेगी सुविधा, रैपिड ट्रेन में बिना टिकट और स्मार्ट कार्ड भी कर सकेंगे सफर

दिल्ली मेरठ रैपिड रेल के यात्रियों को सुविधा देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ऐप तैयार करवा रहा है जिससे मोबाइल फोन पर ही कई सुविधाएं मिल जाएंगे। ना लाइन में लगने की जरूरत होगी और ना ही नकद पैसा रखने की आवश्यकता होगी।

नई दिल्ली  surender Aggarwal: कुछ ही माह के अंतराल में दिल्ली-मेरठ कारिडोर पर दौड़ने वाली रैपिड ट्रेन में बिना टिकट और स्मार्ट कार्ड के भी सफर कर सकेंगे। जी हां, न तो टिकट काउंटर की लाइन में लगने की जरूरत होगी और न ही जेब में नकद पैसा होने की। कामन मोबिलिटी कार्ड नहीं हुआ, तो भी कोई दिक्कत नहीं। घर-दफ्तर या रास्ते में भी मोबाइल फोन पर टिकट जेनरेट की जा सकेगी। इसी ई टिकट का क्यू आर कोड स्कैन करके स्टेशन पर पहुंचकर सीधे ट्रेन में चढ़ा जा सकेगा।

दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) एक ऐसा यात्री ऐप तैयार करा रहा है, जिसे मोबाइल में डाउनलोड करके यात्री अपना टिकट खुद से जेनरेट कर सकेंगे। ऐप खोलकर उन्हें सिर्फ यह क्लिक करना होगा कि यात्रा कहां से कहां तक करनी है। ऐसा करते ही उतनी दूरी का किराया आ जाएगा। जैसे ही पेटीएम या अन्य किसी माध्यम से इसका भुगतान होगा, मोबाइल पर ही क्यू आर कोड सहित ई टिकट आ जाएगा।

ई टिकट की यह सुविधा एप के अतिरिक्त एनसीआरटीसी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगी। एनसीआरटीसी अधिकारियों के मुताबिक रैपिड ट्रेन का सफर रफ्तार में ही हाई नहीं बल्कि हर मायने में हाईटेक होगा। रैपिड ट्रेन दिल्ली- एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन का सबसे तेज रफ्तार साधन होगी, जिसकी यात्रा भी हर मायने में अलग अनुभव कराएगी।

मालूम हो कि दिल्ली मेरठ कारिडोर पर 82 किमी लंबी यात्रा का किराया भले अभी तय न हुआ हो, लेकिन रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के तहत देश में पहली बार आटोमैटिक फेयर कलेक्शन (एए़फसी) सिस्टम शुरू किया जा रहा है।यह एएफसी सिस्टम आधुनिक तकनीकों से लैस होगा।

केंद्र सरकार के सभी परिवहन साधनों में नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) मानक लागू करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ही इसका चयन किया गया है।

इससे यात्रियों को निर्बाध एवं सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान मिल सकेगी। एनसीएमसी कार्ड एवं क्यूआर-कोड आधारित टिक¨टग सिस्टम का क्रियान्वयन डिजिटल इंटीग्रेशन की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है। अधिकारियों के मुताबिक एनसारटीसी द्वारा विभिन्न प्रकार की टिकटिंग सुविधा प्रदान करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

उदाहरण के लिए दैनिक टिकटिंग, ट्रिप टिकटिंग ( जो एक निश्चित संख्या जैसे 10 या 20 यात्राओं के लिए मान्य होगी), पीरियड पास (जो एक निश्चित समयावधि के लिए मान्य होगा) आदि। इस सिस्टम को भी यात्री मोबाइल एप और वेबसाइट के साथ एकीकृत किया जाएगा जिसके द्वारा यात्री न केवल टिकट जेनरेट कर सकेंगे बल्कि अपने वालेट को टाप-अप करके ग्राहक सहायता संबंधी अनेक गतिविधियों का लाभ भी उठा सकेंगे।

इसके अलावा स्टेशन पर टिकट वेंडिग मशीन की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रा के ठीक पहले स्टेशन पर ही टिकट प्राप्त किया जा सकेगा। इसी ट्रांजिट माडल का उपयोग अन्य आरआरटीएस कारिडोर के लिए भी किया जाएगा। सनद रहे कि दिल्ली मेरठ कारिडोर के 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड (साहिबाबाद से दुहाई) के बीच रैपिड ट्रेन का परिचालन मार्च 2023 से शुरू होना है।