लखनऊ में बच्चे द्वारा मां की हत्या पर डॉक्टर बोले- ऐसे लक्षण वालों को तुरंत दें काउसिलिंग

 

मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर निमेष जी देसाई ।

गेम खेलने की लत ऐसी कि मां की ही हत्या कर देगा। इस मामले पर मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर निमेष जी देसाई ने कहा कि इस बच्चे में मनोरोगी जैसे लक्षण हैं।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। लखनऊ में कक्षा 10वीं के छात्र ने मोबाइल गेम खेलने की लत के कारण मां की हत्या कर दी। इसके कारण एक बार फिर मोबाइल की लत पर चर्चा छिड़ गई है। बच्चे को मोबाइल में गेम खेलने की लत ऐसी लगी कि वह किसी भी प्रकार के व्यवधान पर इतना गुस्सैल हो जाएगा यह किसी ने नहीं सोचा था कि मां की ही हत्या कर देगा। इस मामले पर मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर निमेष जी देसाई ने कहा कि इस बच्चे में मनोरोगी जैसे लक्षण हैं। इस बच्चे की व्यक्तित्व पर गौर करेंगे तो यह साफ तौर पर हमें झलक जाएगा।

नेमिष देसाई ने बताया कि पबजी खेलने का नशा इस बच्चे पर हावी हो गया था जिसके कारण यह अपनी मां की हत्या कर बैठा। प्रौद्योगिकी और मीडिया के साथ-साथ इसके पीछे बाजार की ताकतों के कारण वीडियो गेम में शामिल बच्चों और वयस्कों के बीच हिंसा हो रही है। ये सभी अपने व्यवहार में बदलाव लाते हैं जिससे लत लग जाती है। कई बार वे अवसाद और मानसिक विकारों से पीड़ित होते हैं। अक्सर वे हिंसक और आपराधिक व्यवहार के शुरुआती लक्षण दिखाना शुरू कर देते हैं जिन्हें अलग तरह से संभाला जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला

यूपी की राधानी लखनऊ के पंचमखेड़ा यमुना पुरम में एक 16 साल के बच्चे ने पबजी खेलने के नशे में मां की हत्या कर बैठा। उसकी मां अक्सर उसे गेम खेलने से मना करती थी। इस पर वह काफी नाराज हो जाया करता था। यही नाराजगी बढ़ते बढ़ते हिंसक हो गई। इसके कारण वह अपनी मां के मना करने को बर्दाश्त नहीं कर पाया। पिता के लाइसेंसी रिवाल्वर को लेकर मां पर गोली चला दी। जब बहन जाग कर आई तो उसे भी धमकी देकर चुप रहने को कहा। तीन दिन तक शव को घर में ही छुपा कर रखने के बाद जब उसमें दुर्गंध आने लगी तब वह अपने पिता को फोन पर गलत गलत जानकारी देकर मामले को छुपाने की कोशिश में लगा रहा। हालांकि पुलिस की सख्ती से मामला खुल गया।