लोकसभा में अमित शाह बोले- नशाखोरी एक गंभीर समस्या, ड्रग्स और आतंकवाद पर सख्त है सरकार

 

Parliament Session 2022: लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आज भी संसद में विपक्षी दलों ने हंगामा किया। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आज संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्षी दलों ने सरकार से चीन मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि नशाखोरी एक गंभीर समस्या है जो पीढ़ियों को नष्ट कर रही है। ड्रग्स से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए भी किया जाता है।

राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सब्सिडी/मुफ्त उपहारों को प्रासंगिक बनाया जाना चाहिए। यदि आप इसे अपने बजट में डाल सकते हैं और इसके लिए प्रावधान कर सकते हैं, जब आपका राजस्व आएगा और आप पैसा देंगे, तो किसी को आपत्ति क्यों होगी? शिक्षा, स्वास्थ्य, किसानों को दी जाने वाली कई तरह की सब्सिडी पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि जब आप अपने तरीकों में पारदर्शी होते हैं, तो इस मुफ्त उपहारों पर कोई बहस नहीं होती। हम केवल पारदर्शिता और वैधानिक राजकोषीय नियमों का अनुपालन चाहते हैं।

राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलींज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ऐसी मीडिया रिपोर्टें हैं कि एक राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर नहीं कर पा रही है और कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। ऐसा शायद इसलिए है क्योंकि पूरे देश में कई अलग-अलग विज्ञापन देने के लिए धन का उपयोग किया जा रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर बोले अधीर रंजन
केंद्रीय गृह अमित शाह के बयान पर लोकसभा में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से गृह मंत्री ने भारत को ड्रग्स मुक्त करने की बात कही है, लेकिन यह जमीनी स्तर पर कुछ और ही बयां करती है। वर्ष 2018 में ड्रग्स से 7,193 आत्महत्या हुई हैं, वहीं वर्ष 2021 में ड्रग्स से 10,560 मृत्यु हुई। यह आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं।

 एजेंसियों पर सवाल उठाना बंद करें- शाह

ड्रग्स के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि सीमाएं केंद्र सरकार की जिम्मेदारी होती हैं, लेकिन जब हम बीएसएफ को अधिकार देते हैं तो कहा जाता है कि राज्यों के अधिकार लिए जा रहे हैं, अब वहां बीएसएफ कैसे काम करेगी। बीएसएफ ड्रग्स जब्त करती है, लेकिन मामला दर्ज करने का अधिकार नहीं है, इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने वाले मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा दे रहे हैं। बिना अधिकारों के एजेंसियां काम नहीं कर सकतीं, उन्हें अधिकार देने होंगे। हमें अपनी एजेंसियों पर विश्वास दिखाना चाहिए।