आखिर क्यों आते हैं आत्महत्या के विचार? इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाजआखिर क्यों आते हैं आत्महत्या के विचार? इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

 

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आखिर क्यों आते हैं आत्महत्या के ख्याल, इन लक्षणों से करें पहचान
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जानी-मानी अभिनेत्री तुनिषा शर्मा ने बीते दिनों आत्महत्या कर सभी को हैरान कर दिया। एक्ट्रेस के अचानक उठाए गए इस कदम से हर कोई स्तब्ध है। वहीं इस मामले ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य के गंभीर मुद्दे को उजागर कर दिया है।

नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Suicidal Thoughts and Prevention: टीवी अभिनेत्री तुनिषा शर्मा की आत्महत्या की खबर ने सभी को चौंका दिया है। हंसती-खेलती और जिंदादिल एक्ट्रेस ने अचानक ही मौत को गले लगा लिया। एक्ट्रेस ने अपने टीवी शो अलीबाबा के सेट पर फांसी लगाकर जान दे दी। इस खबर के सामने आने के बाद से ही मनोरंजन जगत में शोक की लहर है। वहीं, इसे लेकर कई सारे खुलासे और दावे भी किए जा रहे हैं। लेकिन तुनिषा की मौत ने एक बार फिर मेंटल हेल्थ और आत्महत्या से जुड़े गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को उजागर कर दिया है। बीते कुछ समय से डिप्रेशन या टूटे रिश्ते की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

इन दिनों खुदकुशी के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर क्यों लोगों के मन इस तरह के विचार आते हैं। साथ ही अगर वक्त से कुछ लक्षणों की पहचान कर ली जाए, तो समय रहते ऐसे इंसान को यह कदम उठाने से रोका जा सकता है।

क्यों आते हैं आत्महत्या के ख्याल

आत्महत्या के हर मामले के पीछे कोई न कोई राज छिपा होता है। लेकिन हर आत्महत्या के पीछे एक वजह बेहद सामान्य होती है और वह है मन में दबी गहरी निराशा। खुदकुशी कोई मानसिक बीमारी नहीं है। इसके पीछे कई सारी वजहें हो सकती हैं, जिसमें डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर, पर्सनालिटी डिसऑर्डर, किसी घटना का गहरा असर और तनाव आदि शामिल है। अक्सर जीवन में आई कुछ परिस्थितियों की वजह से लोग हिम्मत हार बैठते हैं। उन्हें लगता है कि वह उन समस्याओं का सामना नहीं कर पाएंगे और ऐसे में वह घबराकर आत्महत्या को ही एकमात्र उपाय मान लेते हैं। लेकिन ऐसा करना कोई समाधान नहीं है। अक्सर अपनों से मिली चोट लोगों को ज्यादा तोड़ देती है, जैसा कि तुनिषा के मामले में देखने को मिला। ऐसे में लोगों के मन में आत्महत्या का ख्याल आने लगता है।इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

अक्सर हालातों से हार मान लेने वाले लोग आत्महत्या का रास्ता चुन लेते हैं। लेकिन वह ऐसा अचानक नहीं करते हैं। अवसाद या खुदकुशी के विचार से जूझ रहे लोगों में कई ऐसे लक्षण नजर आने लगते हैं, जिनकी अगर समय रहते पहचान कर ली जाए, तो उस व्यक्ति को बचाया जा सकता है। अगर आपके आसपास किसी शख्स में ये लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।ऐसे लोग अचानक ही बात करते-करते खो जाते हैं या अचानक ही शांत रहने लग जाते हैं।

  • इन लोगों के व्यवहार में अचानक ही बदलाव आने लगते हैं, जैसे- बात-बात पर गुस्सा करना, मूड स्विंग होना, उदास और निराश रहना आदि।
  • आत्महत्या का विचार बना रहे लोग अक्सर अपने करीबियों से मिलना चाहते हैं। ऐसे में वह बार-बार उनसे मिलने का दबाव बनाते हैं।
  • अक्सर अपनों से मिले धोखे या किसी चोट से टूटे लोगों के मन आत्महत्या जैसे विचार आने लगते हैं, जिसका मुख्य कारण अकेलापन है।
  • जिंदगी से हार मान चुके लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना कम कर देते हैं।
  • ऐसे में लोग अगर पोस्ट शेयर करते भी हैं, तो भरोसा टूटने या दुखी वाले पोस्ट साझा करते हैं।
  • वहीं, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो अचानक ही बेहद प्रेरणादायक पोस्ट डालने लगते हैं, ताकि वह सबको बता सकें कि सब कुछ ठीक है।
  • सबसे ज्यादा गौर करने वाली बात यह है कि ऐसे लोग, जो खुदकुशी का विचार बना रहे हैं, वह किसी दोस्त या करीबी से इसका जिक्र जरूर करते हैं। ऐसे में इन बातों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।