क्या भारत में फिर लौटेंगे लॉकडाउन, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग वाले दिन, जानें हर सवाल का जवाब।

 


नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Coronavirus in India: एक बार फिर चीन (China) कोरोना की चपेट में आ चुका है। महामारी ने चीन में हाहाकार मचा रखा है। हालात बेहद खराब हैं और दुनिया भर के विशेषज्ञ इसे लेकर चिंता भी जाहिर कर चुके हैं। सिर्फ चीन की नहीं यूरोप के कई देशों में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। मौजूदा समय में चीन से जिस तरीह की तस्वीरें सामने आ रही हैं उससे 2020-21 का वो दौर याद आ गया है जब भारत (India) में इस महामारी का सबसे बुरा दौर देखा था।

क्या फिर लौटेगा वो भयावह दौर?

2020-2021 में भारत ने कोरोना के जिस भयावह रूप को देखा उसे कौन याद रखना चाहेगा। लोग एक दूसरे से दूरी बनाकर रहने लगे, मास्क दिनचर्या का जरूरी हिस्सा बन गया। दुकानों के सामने बने गोले धौर्य और अनुशासन सिखा रहे थे। लोग घरों में कौद हो गए, लॉकडाउन की वजह से तमाम तरह की बंदिशों का सामना करना पड़ा। क्या एक बार फिर भारत में वही दौर लौटने वाला है ये सवाल अब इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि, महामारी विशेषज्ञ इस तरह के अनुमान भी लगा रहे हैं कि, अगले 90 दिनों में चीन के 60 प्रतिशत से अधिक और पृथ्वी की 10 प्रतिशत आबादी के कोरेना से संक्रमित होने की संभावना है और लाखों लोगों की मौत भी हो सकती है।

याद आया वो दौर

इससे पहले कि हम आपको ये बताएं कि कोरोना (Coronavirus In India) को लेकर भारत में किस तरह की आशंकाएं व्यव्त की जा रही हैं उससे पहले कुछ प्वाइंट्स में उस दौर की याद दिलाते हैं जब देश ने कोरोना का भयावह रूप देखा था और बचाव के लिए प्रोटोकॉल का पालन किया था।

- कोरोना के दौर में बाहर निकलना बंद हुआ तो घर ही बन गया ऑफिस।

- कोरोना से बचाव के लिए लोगों ने हेल्दी फूड पर दिया खास ध्यान।

- लोग बाजार जाने से बचे और ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए की खरीदारी।

- मास्क से लेकर सैनिटाइजर हर घर की जरूरत बन गया।

- बाहर निकलने पर सोशल डिस्टेंसिंग का किया पालन।

- लॉकडाउन के समय बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले लोग।

- कोरोना के दौर में तमाम लोग मदद के लिए खुद आगे आए।

- शादी जैसे फंक्शन में सीमित हुई मेहमानों की संख्या।

- भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचे लोग।

- लोगों ने घर में मनाए त्योहार और उत्सव।

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आशंकित हैं लोग

मौजूदा वक्त में चीन से जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं उससे पूरी दुनिया परेशान है। भारत में भी लोग इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं एक बार फिर हालात ऐसे ना हो जाएं कि घर से निकलना दूभर हो जाए, मास्क जरूरी हिस्सा बन जाए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कड़ाई से हो, लॉकडाउन का सामना करना पड़े, सड़कें सूनी दिखने लगें, बिना टेस्टिंग या बिना कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट के कहीं आने जाने में परेशानी हो। लोगों की आशंका बेवजह भी नहीं है क्योंकि ये दौरा हम सबने देखा है।

घबराने की जरूरत नहीं

हांलांकि, कोविड 19 वर्किंग ग्रुप एनटीएजीआई के अध्यक्ष एनके कह चुके हैं कि, ''हम सुन रहे हैं कि चीन में व्यापक रूप से कोविड संक्रमण फैल रहा है, जहां तक ​​भारत का संबंध है, भारत में बड़े पैमाने लोगों को कोविड के खिलाफ टीका लगाया जा चुका है। विशेष रूप से वयस्क आबादी को टीके लगाए जा चुके हैं। चीन की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखना जरूरी है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि स्थिति नियंत्रण में है।''

टला नहीं है खतरा

इस बीच, कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया भी कह चुके हैं कि, ''देश से कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि, हम किसी भी स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।''

खुद से करनी होगी पहल

कोरोना से बचाव करने के लिए लोगों को खुद से पहल करनी होगी। मास्क पहनना जरूरी है और इसका ध्यान रखें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। साबुन से हाथ धुलें, साफ-सफाई का खास ध्यान रखते हुए सावधानी बरतें। कार्यक्रमों, रैलियों, जुलूस में शामिल होन से बचें। बुजुर्गों का ख्याल रखें। जरूरी होने पर ही सफर करें। इस तरह से बचाव करते हुए आप अपने स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोकने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।