पाक कनेक्शन वाले ड्रग माफिया से जुड़े ठिकानों पर NIA की छापेमारी, भारी मात्रा में गोला-बारूद किए जब्त



इस छापेमारी में गैंगस्टरों के परिसरों से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।

इस छापेमारी का उद्देश्य बंबीहा के नेतृत्व वाले आतंकवादी-अपराधी सिंडिकेट के भगोड़ों के ठिकानों के अलावा अवैध हथियार समर्थन बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। वे पंजाब से लगे अपने ठिकाने की सीमा का फायदा उठा रहे थे।

नई दिल्ली, एजेंसी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हरियाणा में गैंगस्टर-आतंकवादी सांठगांठ के मामलों में कई स्थानों पर तलाशी ली। इस छापेमारी में गैंगस्टरों के परिसरों से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया। आतंकवाद रोधी एजेंसी ने भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और हथियार आपूर्तिकर्ताओं के बीच उभरती सांठगांठ को खत्म करने के लिए ऐसा किया।

हरियाणा पुलिस के साथ ली गई संयुक्त तलाशी

मंगलवार और बुधवार की रात चौटाला गांव के छोटू भाट और गांव तखतमाल के जग्गा सरपंच- दोनों सिरसा के परिसरों में हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त तलाशी ली गई। एनआईए ने बताया कि तलाशी के दौरान, खतरनाक हथियार बरामद किए गए, जिसमें चार अवैध हथियार (एक राइफल, एक बंदूक, दो पिस्तौल), विभिन्न कैलिबर के सौ से अधिक गोला-बारूद, कई खाली और फायर किए हुए कारतूस और तेज धार वाले हथियार शामिल थे।

छापेमारी का उदेश्य

बता दें कि इस छापेमारी का उद्देश्य बंबीहा के नेतृत्व वाले आतंकवादी-अपराधी सिंडिकेट के भगोड़ों के ठिकानों के अलावा अवैध हथियार समर्थन बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था। वे पंजाब से लगे अपने ठिकाने की सीमा का फायदा उठा रहे थे। अगस्त, 2022 में एनआईए द्वारा दर्ज किए गए दो मामलों में कुछ सबसे खतरनाक गिरोह के नेताओं व भारत और विदेश में स्थित उनके सहयोगियों की पहचान की गई थी।

चौथे दौर की तलाशी

आतंकवादी संगठनों को लेकर एनआईए कड़ा रुख अपना रहा है। अपराधिक नेटवर्क के साथ संबंध पाए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब में स्थित शीर्ष गैंगस्टरों और उनके हथियार आपूर्तिकर्ताओं पर एनआईए की कार्रवाई के तहत इन मामलों के सिलसिले में यह चौथे दौर की तलाशी है। NIA ने कहा, 'आगे, इस तरह के आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ उनके फंडिंग और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म करने के लिए जांच जारी रहेगी।'

एनआईए की जांच से चला पता

एनआईए की जांच से यह भी पता चला कि इस तरह की आपराधिक हरकतें कोई स्थानीय घटनाएं नहीं थीं, बल्कि आतंकवादियों, गैंगस्टरों और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले कार्टेलों, हथियार आपूर्तिकर्ताओं, ठिकानों और नेटवर्कों के बीच एक गहरी साजिश थी, जो देश के भीतर और बाहर दोनों जगह से काम कर रहे थे।